चेन्नई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने की घटनाओं ने छात्रों का भविष्य छीन लिया है इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छात्रों को क्षमा करने की जरूरत नहीं है बल्कि उन्हें बच्चों से माफी मांगनी चाहिए।
श्री गांधी ने शनिवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के निकट महाबलीपुरम में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट से जुड़े घटनाक्रम में अपने बच्चों को खो चुके अभिभावकों से मुलाकात करने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में भाग लेने के बाद सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि श्री मोदी को उन बच्चों से माफी मांगनी चाहिए जिनका भविष्य चौपट किया गया है। श्री गांधी ने कहा कि पेपरलीक के कारण कई बच्चों का जीवन खत्म हो गया और उनका परिवार बर्बाद हो गया है।
उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसुओं और उनके बिलखने से बड़ा कोई दुख नहीं होता। यह गम उनके साथ हमेशा रहेगा और इसके साथ ही टूटी तथा भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल भी हमेशा बने रहेंगे। श्री गांधी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने से वर्षों की तैयारी एक पल में बर्बाद हो गई। छात्रों से ऐसे तंत्र में ईमानदारी से मेहनत करने की अपेक्षा की जाती है जो स्वयं बेईमान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों को ‘माफ’ करने की बात करते हैं लेकिन उन्होंने न तो किसी शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और न ही किसी ऐसे छात्र से मिले जिसका भविष्य पेपर लीक ने छीन लिया।
उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को उनसे माफी मांगनी चाहिए।

