By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना- सिद्धार्थनगर में किसानों के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने की पहल
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
state

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना- सिद्धार्थनगर में किसानों के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने की पहल

Last updated: October 5, 2025 11:52 am
Surabhi Saloni
Share
5 Min Read
SHARE

राजकुमार गौतम, सिद्धार्थनगर (उ० प्र०)। कृषि विभाग सिद्धार्थनगर द्वारा संचालित मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (एस.एच.सी.) के तहत किसानों को उनकी खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले माह कृषि विभाग के तकनीकी सहायक (टी.ए.-सी.) डॉ. शैलेश चंद्र गौतम के नेतृत्व में विकास खंड बर्डपुर के दूल्हा दरम्यानी क्षेत्र से मृदा नमूने एकत्र किए गए थे। इस पहल का शुभारंभ डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए), मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, द्वारा किया गया।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड- मिट्टी की सेहत का दर्पण
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी मिट्टी की पोषकता की स्थिति से अवगत कराना और उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। यह कार्ड मिट्टी के 12 प्रमुख मापदंडों, जैसे प्राथमिक पोषक तत्व (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम), द्वितीयक पोषक तत्व, सूक्ष्म पोषक तत्व (जैसे जिंक, आयरन), और भौतिक गुणों (जैसे पीएच, कार्बनिक कार्बन) के आधार पर मिट्टी का विश्लेषण करता है। विश्लेषण के आधार पर, कार्ड में फसल-विशिष्ट उर्वरक अनुशंसाएं और मृदा प्रबंधन के लिए सुझाव दिए जाते हैं, जो टिकाऊ खेती को बढ़ावा देते हैं और फसल उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करते हैं।
डॉ. शैलेश गौतम ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
डॉ. शैलेश चंद्र गौतम ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिट्टी की स्थिति का व्यापक विश्लेषण प्रदान करता है, जिसमें प्राथमिक, द्वितीयक और सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति शामिल होती है। इसके आधार पर किसानों को उनकी फसलों के लिए उपयुक्त उर्वरकों के उपयोग और मिट्टी के प्रबंधन के लिए विशिष्ट सुझाव दिए जाते हैं। यह योजना नियमित मृदा परीक्षण के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य में होने वाले परिवर्तनों की निगरानी करती है, जिससे लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।
डॉ. गौतम ने आगे कहा, “यह कार्ड न केवल मिट्टी की कमियों को उजागर करता है, बल्कि किसानों को मृदा सुधार के लिए उपयुक्त उपाय भी सुझाता है। इससे उर्वरकों का अनावश्यक उपयोग कम होता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और खेती की लागत में कमी आती है।”
योजना के उद्देश्य
किसानों को उनकी मिट्टी की पोषकता की स्थिति से अवगत कराना। उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना और पोषक तत्वों के अति प्रयोग को रोकना। मृदा स्वास्थ्य को लंबे समय तक बनाए रखना और फसल उत्पादकता में सुधार करना। टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।
लाभ और प्रभाव
इस अवसर पर पानी संस्थान की मिस कोकिला गुप्ता भी उपस्थित थीं। उन्होंने योजना के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अपनी मिट्टी की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उर्वरकों के सही उपयोग से खेती की लागत कम होती है, फसल की पैदावार और गुणवत्ता में वृद्धि होती है, और मिट्टी के क्षरण को रोका जा सकता है। यह योजना न केवल किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।”
किसानों में उत्साह
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से सिद्धार्थनगर के किसानों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। इस योजना के तहत मिट्टी की जांच के बाद किसानों को न केवल उनकी मिट्टी की स्थिति का पता चल रहा है, बल्कि वे वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी उत्पादकता और आय को बढ़ा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा इस योजना को और व्यापक बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। यह योजना न केवल मिट्टी की सेहत को बनाए रखने में मदद कर रही है, बल्कि टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
आगे की राह
कृषि विभाग सिद्धार्थनगर ने भविष्य में इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए नियमित मृदा परीक्षण और किसान जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने की योजना बनाई है। यह पहल न केवल सिद्धार्थनगर, बल्कि पूरे देश में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love1
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article कांदिवली राजभवन में सभी धर्म गुरुओं की सानिधि में अणुव्रत समिति ने किया सर्व धर्म सद्भाव सम्मेलन का आयोजन
Next Article होम्बले फिल्म्स की कांतारा चैप्टर 1 की आज राष्ट्रपति भवन में होगी स्क्रीनिंग!

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

तेरापंथाधिशास्ता महाश्रमण के 17वें पट्टोत्सव में उमड़ा आस्था का ज्वार
social
April 26, 2026
रितेश देशमुख–जिनिलीया देशमुख ने ‘राजा शिवाजी’ रिलीज़ से पहले मंदिर में लिया आशीर्वाद
entertainment
April 26, 2026
“बेंगलुरु में गुरूभक्ति और समर्पण का संगम:
social
April 26, 2026
आचार्य महाश्रमण का 65वां जन्मोत्सव, दीक्षोत्सव व 17वां पदाभिषेक उल्लासपूर्वक संपन्न
social
April 26, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?