सूरज गुप्ता/ सिद्धार्थनगर (उ.प्र.)। जब पूरा देश दीपों की चमक और पटाखों की गूंज में डूबा हुआ था, तब उत्तर प्रदेश में 11 महीने पहले विवाही एक नव विवाहिता बेटी दिवाली की रात दहेज की भेंट चढ़ गई। मामला सिद्धार्थनगर जिले के गोल्हौरा थाना क्षेत्र के खमहरिया गांव की रहने वाली आलिया की 11 महीने पहले शादी बस्ती जनपद के सोनहा थाना क्षेत्र के बडौगी गांव के रहने वाले मजहर अली से हुई थी।
दिवाली की पवित्र रात को नवविवाहिता आलिया खातून का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। शादी के महज 11 महीने ही पूरे हुए थे कि दहेज की लालच ने इस खुशहाल जोड़े को मौत के मुंह में झोंक दिया। मृतका के भाई वसीम ने बहनोई मजहर अली सहित ससुराल के अन्य सदस्यों पर दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए सोनहा थाने तहरीर दी कि “बहन को मारकर आत्महत्या का रंग दिया गया है। “घटना की पूरी कालक्रम ग्रामीणों के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ना की जा रही थी।
मृतका के मायके के परिवार का दावा है कि मजहर और उसके परिजनों ने आलिया को नकद 5 लाख रुपए और अन्य सामान की मांग करनी शुरू कर दी थी। जब मायके पक्ष ने इन मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो मारपीट और मानसिक उत्पीड़न बढ़ गया। “बहन रोज फोन पर रोती थी, कहती थी कि ससुराल वाले तंग कर रहे हैं। लेकिन हमने कभी सोचा नहीं था कि यह सिलसिला इतना खतरनाक हो जाएगा,” वसीम ने आंसू भरी आंखों से बताया। बहन की मौत की सूचना ससुराल वालों द्वारा छुपाया जा रहा था गांव के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फोन से सूचना दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या और समझौते कराने में लगी रही, लेकिन मायके पक्ष के हंगामे के बाद मामला हत्या का रूप ले लिया और मजबूरन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। पोस्टमार्टम होने के बाद मायके वाले लाश को अपने गांव खमहरिया लेकर आए जहां बुधवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया। वही इस बारे में पीड़ित मृतक के पिता ने बताया की शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए प्रस्तावना दी जाती थी और मारा पीटा ज्यादा था। लेकिन यह उम्मीद नहीं थी की बेटी की हत्या कर दी जाएगी।
दीपावली की रात नवविवाहिता की हत्या

