नयी दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण देश में उत्पन्न ऊर्जा संकट पर चर्चा कराने की मांग पर विपक्ष के अड़े रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी। एक बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के संकल्प पर चर्चा पर अपने विचार रखे जिसके बाद जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखे गये। उसके बाद कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अत्यंत महत्वपूर्ण विषय एलपीजी संकट पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है, उस पर चर्चा करायी जाए।
अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के नेता का नोटिस उनके पास आया है और इस मामले से उन्होंने संबंधित मंत्री को अवगत करा दिया है। जब संबंधित मंत्री सदन में होंगे तब उस पर चर्चा की जाएगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि अध्यक्ष ने कहा है कि मुद्दा महत्वपूर्ण है तो सरकार उस पर जवाब देना चाहेगी। अध्यक्ष ने यह नहीं कहा कि सरकार उस विषय पर कुछ नहीं कहेगी। विपक्ष के नेता का नोटिस हमारे संज्ञान में है और हम तय करके उस पर जवाब देंगे। उसके बाद विपक्ष के सदस्य चर्चा की मांग पर अड़ गये जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी
इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कूटनीतिक रूप से विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि देश रसोई गैस की कमी के संकट से जूझ रहा है और श्री मोदी अपनी सरकार की इस विफलता पर ध्यान देने की बजाय चुनावी दौरों में व्यस्त हैं। श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में गुरुवार को कहा, “जब देश भारी संकट से जूझ रहा होता है तो प्रधानमंत्री मोदी जी चुनावी दौरों में मशगूल होते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में एलपीजी की भारी कमी है और लोग कतारों में खड़े हैं।
विपक्ष की एलपीजी संकट पर सदन में चर्चा की मांग, सरकार ने टाला, कार्यवाही स्थगित
Highlights
- लोग कतारों में खड़े हैं और प्रधानमंत्री चुनाव में व्यस्तः कांग्रेस

