मुंबई। आचार्य रविशेखरसूरीश्वरजी म. सा. की निश्रा में नेमानी वाड़ी, ठाकुरद्वार के प्रांगण में आज ललितशेखरविजयजी म. सा. द्वारा ‘गुड फैमिली – हैप्पी फैमिली’ विषय पर विशेष युवा शिबिर का आयोजन हुआ।
सकाम निर्झरा मतलब जानकारी पूर्वक कष्टों को सहन करना, जैसे उपवास आदि तप करना जिससे उच्च कोटि का पुण्य इकट्ठा होता हैं और अकाम निर्झरा मतलब समझदारी के अभाव में कष्टों को सहन करना, जैसे भिखारी भूखा रहता हैं और हल्की कोटि का पुण्य इकट्ठा होता हैं। धर्म आराधना के लिए शरीर का साथ देना जरूरी हैं। आयुष्य कर्म और दूसरों के उपकार और योगदान से हम जी रहे हैं। परिवार के लिए ये चार पत्र जरूरी हैं, दादा-दादी, माता-पिता, पति-पत्नी और बेटा-बेटी। पुत्रवधु को गृहलक्ष्मी की उपमा दी गयी हैं। ऐसा कहा जाता हैं की अधिक क्रोध करनेवाला नरकगति से, पांचों इंद्रियों का ज्यादा सेवन करने वाला तिर्यंच गति से, अत्यंत सरल स्वभाव वाला मनुष्य गति से और अधिक काम-वासना वाला देव गति से आता हैं।
पानी और तेल का सिर्फ संपर्क हो सकता हैं, नदी समुद्र में मिलकर हमेशा के लिए संबंध बना लेती हैं, दूध में नींबू की बूंद संघर्ष कहलाता हैं और जहां समाधान हो वो परिवार होता हैं। जहां संघर्ष हो वो मात्र ईट-चुने का मकान और जहां समाधान हो वो परिवार होता हैं। जहां शोषण नहीं पोषण हो वो परिवार, जहां प्रश्न नहीं समर्पण हो वो परिवार, जहां स्वार्थ नहीं सहकार हो वो परिवार, जहां तिरस्कार नहीं सत्कार हो वो परिवार।
संपत्ति और संबंध में किसका महत्व ज्यादा ? ज़रूरत पे संबंधी काम आते हैं। जहां प्रेम, स्नेह और कर्तव्य ना हो वहां शांति नहीं होती। परिवार टूटने के 3 कारण, 1. पुत्र को स्वतंत्रता कारण, 2. नासमझ पुत्रवधु के कारण, 3. शोषण करने वाले माँ-बाप के कारण।
अच्छा परिवार – सुखी परिवार के लिए सप्तपदी के 7 सूत्र, A से एडजस्टमेंट्स (समयोजन) करना, B से बिफोर (आगेवान) होके हेल्प करना, आमंत्रण की राह नहीं देखना, C से काउंट (गिने) बिना सेवा करना, D से डिस्कशन (बहस) नहीं करना, निःस्वार्थ सेवा करना, E से एनर्जी (उत्साह) से सेवा करना, F से फीलिंग्स (स्नेह) के साथ सेवा करना, G से गॉड (भगवान) मानकर सेवा करना।
किशन सिंघवी और कुणाल शाह के अनुसार इस मौके पर शिबिर के लाभार्थी श्रीमती स्व. सुखीबाई बस्तिमलजी उम्मेदमलजी पारेख, चाणौद निवासी के परिवार के सदस्य, ठाकुरद्वार संघ के पदाधिकारी और समर्पण ग्रुप के कार्यकर्ताओं के अलावा सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
ठाकुरद्वार में ‘गुड फैमिली – हैप्पी फैमिली’ विषय पर युवा शिविर का आयोजन

