ठाणे। साध्वी श्री आणिमाश्रीजी व साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी के सानिध्य में ठाणे तेरापंथ भवन में ठाणा कन्यामंडल द्वारा टाइम मैनेजमेंट कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान मुम्बई कन्यामंडल द्वारा निर्देशित वॉच मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
साध्वी श्री आणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा सफलता के शिखर पर आरोहण करने का प्रथम सोपान टाइम मैनेजमेंट है। जो व्यक्ति समय का सही सदुपयोग करता है, वही अपने सपनों को साकार कर पाता है। म. महावीर ने कहा है आज का क्षण तुम्हारे हाथ मे है, तुम इसका उपयोग जैसा चाहो कर सकते हो। लेकिन आनेवाले कल पर तुम्हारा कोई अधिकार नही है। बिता हुआ एक दिन क्या एक पल भी लौटकर नही आता है। कल करूंगा, बाद में करूंगा, यह आदत जीवन को स्वर्णिम उपलब्धियों से वंचित कर रही है। आज को व्यर्थ गवां देने वाला व्यक्ति कल से कभी लाभान्वित नही हो सकता। बिता समय कभी लौटकर नही आता, आज का सूर्योदय बस आज ही है। कल फिर नया सूर्य ही उदित होगा। कन्याएं समय का सही अंकन करना सीखें एवं तेजस्वी जीवन जिएं।
साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी ने कहा जीवन के हर मूल्यवान क्षण का उपयोग करना है। इस हेतु प्रतिपल यह चिंतन करे कि मेरा एक पल भी व्यर्थ न चला जाए। कीमती पल उड़ते जा रहे है, इन्हें अपने आगोश में समेटकर जीवन मे सफलता के स्वस्तिक उंकेरे।
साध्वी कर्णिकाश्रीजी एवं साध्वी सुधाप्रभाजी ने भी कार्यशाला में अपने विचार प्रस्तुत किए। साध्वी स्मतव्यशाजी ने प्रतिक्रमण का प्रशिक्षण दिया।
टाइम मैनेजमेंट स्पीच कॉम्पिटिशन में भामिनि पारेख ने प्रथम स्थान, राशी श्रीश्रीमाल ने द्वितीय व जान्हवी धोका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कोमल श्रीश्रीमाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वॉच मेकिंग प्रतियोगिता में आठ कन्याओं ने आने हाथों से घड़ी का निर्माण किया। जिसमे काजल गोखरू प्रथम, जिनल वडाला द्वितीय व भामिनि पारेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मीनाक्षी श्रीश्रीमाल व सरोज श्रीश्रीमाल ने इसमें निर्णायक की भूमिका अदा की। कन्या मंडल संयोजिका काजल गोखरू ने संचालन का कार्यभार संभाला। प्रभारी विनीता मेहता ने आभार ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में वनीता मेहता, सहप्रभारी रश्मि कोठारी, एमकेएम सहसंयोजिका निशा धोका, मीनाक्षी श्रीश्रीमाल, रमिला वडाला व कन्याओं ने अच्छा सहयोग दिया। विशेष अतिथि के रूप में पधारे कवि रोहित कोठारी ने बहुत ही सुंदर पाठ किया।
ठाणे में टाइम मैनेजमेंट कार्यशाला के माध्यम से कन्याओं ने सीखे समय के सही अंकन के गुण

