मुंबई। महा तपस्वी अचार्य श्री महाश्रमण जी की प्रबुद्ध शिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी जी आदि थाना के सानिध्य में आज थाने ज्ञानशाला में थाने ज्ञानशाला को केंद्रीय स्तर विशिष्ट ज्ञानशाला का सम्मान प्राप्त होने के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम की शुरुआत पार्थ दुग्गड़ के मंगलाचरण से की गई।
मर्यादा महोत्सव के बारे में बच्चों को समझाने के लिए प्रशिक्षिकाओ और बच्चों द्वारा मर्यादा महोत्सव के ऊपर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई।
मर्यादा महोत्सव के पांचों मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए म्यूजिकल चेयर की गेम का आयोजन किया गया।
जैन संस्कार विधि से बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। अभिभावकों प्रशिक्षिकाओ और बच्चों ने विसर्जन राशि का अनुदान दिया। सभा के पदाधिकारी गण एवं महिला मंडल सभी के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
ज्ञानशाला के स्तंभ उपासिका श्रीमती प्रतिभा जी चोपड़ा ,ज्ञानशाला की सह संयोजिका श्रीमती अनीता जी धारीवाल ,ज्ञानशाला पूर्व संयोजक संदीप जी रांका, महिला मंडल की संयोजिका श्रीमती शोभा जी जाबक और ज्ञानशाला का ज्ञानार्थी सम्यक भुरट ने थाने ज्ञानशाला को विशिष्ट ज्ञानशाला मिलने के उपलक्ष्य में अपने विचार व्यक्त किए।
साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने मंगल उद्बोधन फरमाया और कहां ज्ञानशाला को इसी तरह उत्तरोत्तर ऊंचाइयों पर ले जाते रहे और बच्चों में संस्कारों का निर्माण इसी तरह करते रहे। और बच्चों में वैराग्य की भावना जगाए की, कोई वैरागी तैयार हो सके.25 बोलों और प्रतिक्रमण के सर्टिफिकेट दिए और पारितोषिक देकर सम्मान किया गया ।सभी अभिभावक गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन निशा भटेवरा ने किया।
ठाणे ज्ञानशाला को विशिष्ठ ज्ञानशाला का सम्मान

