विकास धाकड़/ तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी क़े आज्ञानुव्रती मुनि श्री संजय कुमारजी, मुनि श्री प्रकाश कुमारजी और मुनि सिद्ध प्रज्ञजी क़े पावन सानिध्य मे नवरात्रि क़े सम्पन और विजया दशमी क़े पावन पर्व दशहरा पर बोलते हुवे मुनि श्री संजय कुमारजी ने कहा दशहरा बुराई पर भलाई की विजय का पर्व हैं, रावण की बुराई का और राम के भलाई का प्रतीक हैं l
मुनि प्रकाश कुमार जी ने कहा आज उज्जैन और मालवा क़े मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी क़े नातिले बड़ी संख्या मे आध्यात्मिक दशहरा मनाने आये यह बहुत अच्छी बात हैं, हमने सन 82 मे उज्जैन में चोमासा किया तभी से मे आप सभी लोगो सें परिचित हुँ। आप अपने विकास क़े साथ धर्म क़ो आगे रखे, यही जीवन की सार्थकता है।
मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने कहा, अपने भीतर बैठे रावण क़ो जलाना ही दशहरा हैं, राम चरित्र प्रधान, हनुमान जी भक्ति प्रधान और महात्मा गांधी अहिंसा प्रधान महापुरुष थे, मुझे आज़ पहली बार मुनि बनने क़े बाद संसार पक्षीय परिवार क़े सभी लोगो क़ो एक साथ देखने का मौका मिला, सभी पारावारिक जनों मे त्याग और आध्यत्मिकता नजर आती हैं।
इस अवसर पर उजेन से पधारे 70 लोगो क़ो एक साथ संघ क़े साथ लेकर आने वाली सिद्ध प्रज्ञ जी की संसार पक्षीय छोटी बहन प्राचार्य श्रींमती सीमा ललवानी,और आस्ता से समागत बहिनो ने विचार व्यक्त क़र आहोभाव प्रकट किया, तेरापंथ सभा क़े अध्यक्ष मुकेश मेहता की अगवानी मे नरेंद्र लोढ़ा प्रकाश मेहता,रोशन ढालावत, गोपाल सेठिया,आदि ने बाहर से समागत मेहमानों की अच्छी व्यवस्था की सभी ने अच्छी जिम्मेदारी का परिचय दिया। कार्यक्रम क़ो सफल बनाने मे अभिषेक बोरदिया, सुनील संचेती, रजत ललवानी आदि का सराहनीय योगदान रहा. यह जानकारी तेरापंथ सभा क़े मंत्री रमेश ढालावत ने प्रदान की.!

