श्रीडूंगरगढ़। तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ के वर्ष 2025–26 के दौरान नेत्रदान एवं ऑक्सीजन प्रभारी के रूप में उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाएं देने वाले श्री अशोक जी झाबक को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया।
वर्षभर उन्होंने नेत्रदान एवं ऑक्सीजन सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया। उनके सेवाभावी कार्यों, सक्रियता एवं समर्पण को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ तथा उपजिला चिकित्सालय, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात अशोक जी झाबक ने सभी नेत्रदान करने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नेत्रदान केवल एक सेवा नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के जीवन में मरणोपरांत भी रोशनी देने का महान कार्य है। उन्होंने सर्व समाज एवं जन-जन से आह्वान किया कि अधिक से अधिक परिवार मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लें और इस मानवीय एवं सामाजिक अभियान से जुड़कर समाज में नई जागृति का संदेश दें। तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष विक्रम जी मालू ने कहा कि अशोक जी झाबक को जब भी नेत्रदान की सूचना मिलती है, वे तुरंत मौके पर पहुंचते हैं तथा परिवारजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करते हुए इस पुनीत कार्य को संपन्न करवाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि अशोक जी सदैव सेवा कार्यों के लिए तत्पर रहते हैं और नेत्रदान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनका समर्पण परिषद् के सेवा कार्यों के लिए प्रेरणादायी है। परिषद् के मंत्री पीयूष बोथरा सहित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अशोक जी झाबक को सम्मान प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अशोक जी इसी प्रकार सामाजिक एवं सेवा कार्यों में निरंतर आगे बढ़ते रहें तथा श्रीडूंगरगढ़, समाज एवं देश का नाम रोशन करें, यही मंगलकामना है। तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा नेत्रदान एवं ऑक्सीजन सेवा के माध्यम से मानवता की सेवा का यह अभियान निरंतर जारी है। परिषद् का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ें और समाज में “नेत्रदान-मरणोपरांत किसी के जीवन में रोशनी” का संदेश जन-जन तक पहुंचे।
नेत्रदान एवं ऑक्सीजन सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए अशोक जी झाबक सम्मानित

