मुंबई। 3 ,4 ,5 अक्टूबर त्रिदिवसीय दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षिकाओं के उर्ध्वारोहण का सुंदरक्रम है प्रशिक्षक दीक्षांत समारोह जहां गुरुदेव की अनंत ऊर्जा के साथ सभी चरित्र आत्माओं के सत्र से जो मोटिवेशन मिला ,वह अवश्य ही प्रशिक्षकों के उर्ध्वारोहण में योगभूत बनेगा।
अहमदाबाद दीक्षांत समारोह में मुंबई ज्ञानशाला से गुरुदेव की सानिध्य में 60 प्रशिक्षक बहनें पहुंची। इस दीक्षांत समारोह में वाशी ज्ञानशाला को विशिष्ट ज्ञानशाला एवं मुलुंड ज्ञानशाला को उत्तम ज्ञानशाला से नवाजा गया। श्रेष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती विजय श्री डागलिया दक्षिण मुंबई, श्रीमती आशा जी कोठारी सांताक्रुज, श्रीमती भावना जी सांखला गोरेगांव, श्रीमती शांता जी कोठारी मीरारोड को अवार्ड से नवाजा गया। श्रेष्ठ ज्ञानार्थी परिधि डागलिया ठाणे, प्रज्ञम बाफना घाटकोपर, युक्ति सिंघवी M.D.W.S. , मिस्टी पटवारी चेंबूर, महक रांका चेंबूर, को अवार्ड से नवाजा गया। इस दीक्षांत समारोह में 20 स्नातक उत्तीर्ण बहनों का मोमेंटो देकर सम्मान किया गया ।
मुंबई ज्ञानशाला द्वारा गुरुदेव के सानिध्य में महामना भिक्षु के दृष्टांतों को दर्शाते हुए प्रस्तुति दी गई। साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभाजी ने बताया कि ज्ञानशाला एक निर्जरा जीवन की कहानी है। और उन्होंने बताया कि हमें जीवन में किस तरह स्मार्ट बनना चाहिए।
और स्वाध्याय प्रवृत्ति को विकसित करना चाहिए। साध्वी वर्याजी ने संकल्प की दृढ़ता के बारे में बताया। और मुमुक्षु के लिए ज्ञानशाला ज्ञानार्थि तैयार करें यह प्रेरणा दी।। और दर्शन सेवा का लाभ लिया मुंबई ज्ञानशाला को ऊर्जावान आशीर्वाद प्राप्त हुआ, एवं सभी चरित्र आत्माओं के दर्शन सेवा का लाभ मिला ।।

