तपाह, मलेशिया। साई बाबा पीस टॉर्च जब मलेशिया के तपाह पहुंची, तो यह सिर्फ एक आध्यात्मिक समारोह नहीं रहा, बल्कि शांति, एकता और मानवता के संदेश का भावनात्मक अवसर बन गया। इस विशेष समारोह में 500 से अधिक साई भक्तों ने हिस्सा लिया और विभिन्न समुदायों तथा देशों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।
समारोह में भारत के उप उच्चायुक्त हितेश राजपाल और मलेशियाई मंत्री दातो’ शिवकृष्णन सिवाराम विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व शिरडी साई बाबा पीस फाउंडेशन के प्रमुख औशिम खेतरपाल (औशिमजी) ने किया। उन्हें श्री कन्नन और साउथ मलेशियन साई बाबा संगठन की ओर से पीस टॉर्च को इस विशेष आयोजन में लाने के लिए आमंत्रित किया गया था।
समारोह के दौरान जब पीस टॉर्च श्रद्धालुओं के बीच पहुंची, तो माहौल भावुक हो उठा। कई श्रद्धालु टॉर्च को छूने और अपने हाथों में थामने के लिए आगे आए, जबकि कई लोग हाथ जोड़कर खड़े रहे। कुछ श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू भी नजर आए। इस भावुक दृश्य ने पीस टॉर्च को शांति, करुणा और मानवता की एकता के प्रतीक के रूप में स्थापित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए औशिमजी ने फाउंडेशन की मूल भावना ‘Spirituality is Humanity’ यानी ‘आध्यात्मिकता ही मानवता है’ को दोहराया। औशिमजी ने कहा, “यह टॉर्च किसी एक धर्म या किसी एक देश की नहीं है। यह पूरी मानवता की है। चाहे कोई ईसाई हो, तमिल हो, पारसी हो, मुस्लिम हो या हिंदू, इन सबसे पहले हम इंसान हैं।”
उन्होंने समारोह के दौरान श्रद्धालुओं की भावनात्मक प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, “जब अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोग शांति के प्रतीक को छूकर भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं, तब एहसास होता है कि शांति सिर्फ एक विचार नहीं है, बल्कि एक भावना है। मानवता को न पासपोर्ट की जरूरत है, न किसी धर्म की और न ही किसी एक भाषा की।”
समारोह में भारत के उप उच्चायुक्त हितेश राजपाल की मौजूदगी ने भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी रेखांकित किया। वहीं, दातो’ शिवकृष्णन सिवाराम की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और बढ़ाया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में यह समारोह शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे का साझा मंच बन गया।
साई बाबा पीस टॉर्च शिरडी साई बाबा पीस फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय शांति पहल का हिस्सा है। यह टॉर्च विभिन्न देशों और महाद्वीपों की यात्रा करते हुए शांति, सेवा और करुणा का संदेश आगे बढ़ा रही है। इसकी यात्रा संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण अफ्रीका, महात्मा गांधी फाउंडेशन, मदर टेरेसा फाउंडेशन, वेटिकन और अम्मा जैसे संस्थानों एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों तक हो चुकी है।
मलेशिया के बाद पीस टॉर्च अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आगे बढ़ाते हुए द हेग स्थित वर्ल्ड पीस पैलेस, बाबा मुंडी और वेटिकन जाने के लिए निर्धारित है। इसके बाद यह दक्षिण अफ्रीका पहुंचेगी। अंत में यह भारत लौटेगी, जहां अगले वर्ष अप्रैल में फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय शांति पहल के भव्य समापन समारोह की योजना है।
तपाह में आयोजित यह समारोह पीस टॉर्च की यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों ने शांति और मानवता के साझा संदेश के साथ एकजुटता दिखाई।
शिरडी साई बाबा पीस फाउंडेशन का मानना है कि आध्यात्मिकता किसी धर्म, राष्ट्रीयता या भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है। इसकी वास्तविक भावना मानवता और एक शांतिपूर्ण दुनिया की साझा इच्छा में निहित है।
मलेशिया के तपाह में साई बाबा पीस टॉर्च समारोह में उमड़े 500 से अधिक श्रद्धालु, भारत के उप उच्चायुक्त और मलेशियाई मंत्री भी हुए शामिल
Highlights
- भारत-मलेशिया की एकता और भाईचारे का संदेश लेकर तपाह पहुंची साई बाबा पीस टॉर्च, 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

