नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर मतदाता सूची में धांधली और वोट चोरी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास इस बात के “पुख्ता सबूत” हैं कि चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्यों में मतदाता सूचियों में हेरफेर किया है। राहुल गांधी ने विशेष रूप से कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र और बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट का हवाला देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटर जोड़े गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में एक करोड़ से अधिक संदिग्ध वोटर जोड़े गए, जिससे BJP को फायदा हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग डिजिटल वोटर लिस्ट और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करा रहा, जिससे धांधली को छिपाने की कोशिश हो रही है। राहुल ने कहा, “हमारे पास 100% सबूत हैं कि चुनाव आयोग वोट चोरी करा रहा है, और यह BJP के लिए हो रहा है। यह देश के लोकतंत्र के साथ धोखा है।” उन्होंने आयोग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जो भी इस आपराधिक साजिश में शामिल है, चाहे रिटायर हो जाए, हम उसे ढूंढ निकालेंगे।”
चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को “निराधार” और “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि उसने 12 जून 2025 को राहुल को पत्र और ईमेल भेजकर जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने न तो जवाब दिया और न ही आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने कभी कोई आधिकारिक पत्र नहीं भेजा। आयोग ने अपने बयान में कहा, “हम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं और ऐसे बयानों को नजरअंदाज करते हैं।”
BJP का पलटवार
BJP ने राहुल के आरोपों को “लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश” करार दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। जब वे चुनाव जीतते हैं, तो सब ठीक है, लेकिन हारने पर आयोग को दोषी ठहराते हैं।” BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी राहुल पर धमकी भरे लहजे का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भाषा “दबाव की राजनीति” को दर्शाती है।
विपक्ष का समर्थन, बिहार में विरोध
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध किया है, जिसमें 65 लाख नाम हटाए गए हैं। राहुल ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। विपक्षी गठबंधन INDIA ने इस मुद्दे पर संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ने की घोषणा की है।
आरोपों का आधार
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई आंकड़े पेश किए, जिनमें कर्नाटक के महादेवपुरा में 1 लाख फर्जी वोटर, 4,132 अवैध फोटो, और फॉर्म 6 के दुरुपयोग का दावा शामिल है। उन्होंने महाराष्ट्र में 40 लाख से अधिक संदिग्ध वोटरों की बात कही और दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP ने 25 सीटें 33,000 से कम वोटों के अंतर से जीतीं, जो धांधली का परिणाम हो सकता है।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है, जिसे 1 सितंबर तक आपत्तियों के लिए खुला रखा गया है। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है और सभी राजनीतिक दलों को डेटा साझा किया गया है। राजनीतिक हलचल राहुल गांधी के इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है, जबकि BJP और उसके सहयोगी इसे “हताशा” और “संवैधानिक संस्थाओं पर हमला” बता रहे हैं। इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो रही है।

