By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • national
  • state
  • social
  • entertainment
  • local
  • Video
  • E-Magazine
Reading: राहुल गांधी के बयान पर लोक सभा में हंगामा, कार्यवाही तीन बार की गयी स्थगित
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • national
  • state
  • social
  • entertainment
  • local
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

राहुल गांधी के बयान पर लोक सभा में हंगामा, कार्यवाही तीन बार की गयी स्थगित

Last updated: February 3, 2026 12:12 am
Surabhi Saloni
Share
11 Min Read
SHARE

नयी दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चीन के संबंध में बयान को लेकर भारी हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। पहले दो बार के स्थगन के बाद कार्यवाही तीसरी बार दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।
श्री गांधी ने चर्चा के दौरान एक पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से भारत चीन सीमा पर स्थिति के संदर्भ में कुछ कहने का प्रयास किया। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी मैगजीन के हवाले से सदन में कोई बात कहना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देकर विपक्ष के नेता सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक होने लगी। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के नियमों का हवाला देते हुए व्यवस्था दी कि सदन में किसी अखबार की क्लिपिंग, पत्रिका या किसी पुस्तक में प्रकाशित बातों के आधार पर कोई सदस्य अपनी बात नहीं रख सकता। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह तथा संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी श्री सिंह की आपत्ति का समर्थन किया और कहा कि विपक्ष के नेता को किसी पत्रिका के आधार पर अपनी बात सदन में रखने का अधिकार नहीं है।
इस बीच, दोनों पक्ष के सदस्यों ने नियमों का हवाला दिया, जिस पर श्री बिरला ने कहा कि वह जो व्यवस्था दे रहे हैं, वह नियमों के आधार पर है और सभी सदस्यों को उसका पालन करना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि रक्षा मंत्री सिर्फ इतना ही पूछ रहे हैं कि जिस पुस्तक को उद्ध़त किया जा रहा है, वह छपी ही नहीं है, तो वह कहां से उल्लेख कर रहे हैं। उनका कहना था कि खुद विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है। श्री शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है लेकिन जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दी है तो उसका पालन किया जाना चाहिए, विपक्ष के नेता किसी अन्य की लिखी बातों को नहीं बोल सकते। वह नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। श्री रिजिजू ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विपक्ष के नेता की बात सुनने के लिए सदन में बैठे हैं, इसलिए उन्हें नियम के तहत बोलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सदन नियम से चलता है और यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और अध्यक्ष बार-बार व्यवस्था दे चुके हैं और विपक्ष के नेता तब भी व्यवस्था को मानने को तैयार नहीं हैं, तो इस पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब विपक्ष के नेता नहीं मानते हैं तो नये सदस्यों से नियमों का पालन कराना कठिन हो जाएगा। रक्षा मंत्री के फिर आपत्ति जताने के बावजूद जब श्री गांधी ने बार-बार उसी बात का उल्लेख करने का प्रयास किया तो सदन में हंगामा तेज हो गया। इस पर अध्यक्ष ने श्री गांधी को रोका और कहा कि किसी भी सदस्य को आसन का अपमान करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने विपक्ष के नेता को चेतावनी दी कि वह व्यवस्था का पालन करते हुए अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि यदि वह मनमानी करते हैं तो ऐसे में सदन नहीं चल सकता। व्यवस्था का पालन सभी सदस्यों को करना है और यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो वह दूसरे सदस्य को बोलने का मौका देंगे।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का नाम पुकारा। श्री यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है और उस पर बोलने की श्री गांधी को इजाजत दी जानी चाहिए। हंगामे के बीच भाजपा के डॉ निशिकांत दुबे ने भी नियमों का उल्लेख करते कहा कि अखबार की क्लिपिंग या किताब या अप्रामाणिक विषय का उद्धरण नहीं दिया जाना चाहिए। श्री बिरला ने फिर तीखे लहजे में कहा कि जब अध्यक्ष ने व्यवस्था दे दी है और उसको चुनौती नहीं दी जा सकती, इसलिए विपक्ष के नेता को अपनी बात में पुस्तक या किसी अखबार की कटिंग का उल्लेख नहीं करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जब अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं तो विपक्ष के नेता को उसका पालन करना चाहिए। श्री गांधी ने कहा कि वह सिर्फ भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या द्वारा चर्चा के दौरान उठाये गये सवालों का जवाब दे रहे हैं, यदि वह मुद्दे नहीं उठाते, तो वे भी उसका उल्लेख नहीं करते लेकिन श्री बिरला ने कहा कि भाजपा सांसद ने जो मुद्दे उठाये हैं, वे सब पहले से ही संसद की कार्यवाही में हैं और यदि ऐसा नहीं होता तो वह उनको भी बोलने की अनुमति नहीं देते। उनका कहना था कि सभी सदस्यों को नियमों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।
कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने कहा कि नियम 349 के तहत संवेदनशील मुद्दों को किसी पत्रिका में छपे लेख को उद्धृत किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के नियम सिर्फ विपक्ष के सदस्यों के लिए हैं ऐसा प्रतीत होता है। जब श्री गांधी ने कहा कि वह पुस्तक का उल्लेख नहीं करेंगे, लेकिन उसको लेकर चर्चा तो कर सकते हैं, इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उस मुद्दे का जिक्र नहीं किया जा सकता है। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता अध्यक्ष की दी गयी व्यवस्था का उल्लंघन करते हैं तो यह भी अनुचित है और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। जब श्री गांधी ने कहा कि अध्यक्ष ही बता दें कि उन्हें क्या करना चाहिए। इस पर श्री बिरला ने कहा कि वह उनके सलाहकार नहीं हैं, लेकिन अध्यक्ष होने के नाते उनका दायित्व है कि सदन नियमों से चले। विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वह सदन को नियम से चलने में सहयोग करें। उनका कहना था कि यदि विपक्ष के नेता व्यवस्था को नहीं मानते हैं और कुर्सी का अपमान करते ही रहते हैं तो यह उचित नहीं है।
श्री गांधी ने कहा कि वह भारत और चीन के संबंधों पर बोलना चाहते हैं इस पर भी बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्षी दल के चरित्र पर टिप्पणी करता है तो उनको बोलने दिया जाता है, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। श्री गांधी ने जब पहले की तरह ही बोलना शुरू किया तो अध्यक्ष ने फिर आपत्ति जतायी और कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता सदन में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं। इसके बाद भी हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
जब सदन की कार्यवाही तीन बजे पुन: शुरू हुई तो श्री गांधी ने अपना पक्ष रखते हुये कहा कि वह मौलिक प्रश्न उठा रहे थे, जो भारत और चीन के संबंध में है। कैलास पर्वत पर क्या हुआ, उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। चीन की सेना कैलास की चोटी की तरफ बढ़ रही थी। उनके बार-बार चीन के मामले को उठाने पर सत्तापक्ष की ओर से कई सदस्यों ने खड़े होकर विरोध किया।
इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री ने फिर कहा कि श्री गांधी पहले की बात को ही दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह पहले की बात को नहीं दोहरायेंगे। श्री रिजिजू ने कहा कि देश को नीचा दिखाकर उनको क्या फायदा मिलने वाला है। एक ऐसी बात कर रहे हैं, जिसका यहां कोई औचित्य नहीं है। सदन में ऐसी बात नहीं बोलनी चाहिए, जिससे सेना को मनोबल गिरे। रक्षा मंत्री ने भी फिर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पूरी तरह काल्पनिक बातें कर रहे हैं, इसलिए इस विषय पर उन्हें रोका जाना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, “सदन नियम प्रक्रियाओं से चलेगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखें। आसन की व्यवस्था की लगातार वह अवमानना कर रहे हैं। सरकार की नीतियों पर बोलें। अगर सेना की आलोचना करेंगे, तो यह उचित नहीं है। सदन में उन तथ्यों को बोलें जो देशहित हैं।”
श्री गांधी ने कहा कि सेना का हर जवान वास्तविकता को जनता है। उसके बाद सदन में भारी हंगामा हो गया, जिसके कारण कार्यवाही चार बजे तक स्थगित कर दी गयी। सदन के फिर शुरू होने पर श्री गांधी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में हैं। उन्हें मालूम है कि पूर्व सेना अध्यक्ष ने क्या कहा है। इस पर पीठासीन जगदम्बिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष ने एक व्यवस्था दी है और उसके अनुरूप ही श्री गांधी अपनी बात रख सकते हैं। इसके बाद श्री गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है। वह इसी पर अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने फिर पूर्व सेना अध्यक्ष का नाम लिया। इसे देखते हुए सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख श्री पाल ने कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article सिटीलाइट सूरत में CPS प्रशिक्षण कार्यक्रम दीक्षांत समारोह संपन्न
Next Article यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने के लिए आजमगढ़ में हुआ प्रदर्शन

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

मुक्ति के रूप में कृति सेनन ने अपनी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में मजबूत की जगह
entertainment
February 18, 2026
ऋषभ शेट्टी एक अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में इंडियन सिनेमा में हैं अनोखी मिसाल
entertainment
February 18, 2026
केजीएफ स्टार यश को पत्नी राधिका पंडित ने कहा, “हर दिन मुझे चुनने के लिए धन्यवाद।”
entertainment
February 18, 2026
“फेक बोलने वालों को बैंक स्टेटमेंट दिखा दूँगा”, टॉक्सिक के ₹120 करोड़ वाले सौदे पर दिल राजू का जवाब
entertainment
February 18, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form id=”847″]

Follow US
© 2023 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
adbanner
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?