मुंबई। जाने माने प्रेक्षाध्यान के वरिष्ठ प्रेक्षाप्रशिक्षक पारसमल दुगड का नाम उनके एकस्ट्रा आर्डिनरी, युनिक कार्य के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि २२ वर्षो से स्वयं का स्थान न होते हुए मुम्बई जैसे शहर में नियमित निरन्तर ३६५ दिन बिना किसी अवकाश के लगातार निःशुल्क चलाने के लिए अन्तराष्ट्रीय संस्था गोल्डन बुक आँफ वर्ल्ड रेकार्डस द्धारा श्री पारसमल दुगड का नाम वर्ल्ड रेकार्ड में शामिल किया गया है।
इसके लिए आयोजित भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ आत्म साक्षात्कार प्रेक्षाध्यान के द्धारा गीत की स्वर लहरियों से हुआ। ज्योत्सना बेन, भारती बेन, ज्योतिका बेन, रवि जैन, दुगड परिवार ने सुन्दर-सुन्दर प्रस्तुतियां दी। गोल्डन बुक आँफ वर्ड रेकार्डस के एशिया के हैड डाँ. मनिषजी विश्नोई ने मुम्बई में एक भव्य समारोह में वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड गोल्डन बुक आँफ वर्ल्ड रेकार्डस सर्टिफिकेट आँफ एक्सिलेन्स देकर सम्मान व अभिनन्दन करते हुए इस अन्तर्राष्ट्रीय संस्था की ओर से बहुत -बहुत बधाइयां दी।
उन्होंने कहा २० अक्टु.१९९७ से लगातार २२ वर्षो से योगा व मेडीटेशन सेन्टर चलाना एक चुनोती है। परेशानियां हैं, बहुत बाधाऐं आती हैं, बहुत कठिनाइयां आती हैं। कभी-कभी ब्रेक भी लग जाता हैं लेकिन पारसमलजी दुगड ने इस सेन्टर को लगातार चलाया है उसको हम गोल्डन बुक आँफ वर्ल्ड रेकार्डस मे सम्मिलित कर रहे हैं। आपने २०अक्टु.१९९७से लगातार इस सेन्टर को चलाया है।
स्वामी रामदेवजी भी लम्बे समय से कर रहे हैं आपने तो उनको भी मात देदी है।आपको बहुत -बहुत बधाई। डाँ मनिषजी ने आगे कहा मैं बहुत से प्रोग्रामों में जाता हुं लेकिन यह पहला प्रोग्राम ऐसा लग रहा है जिसमे इतनी आत्मीयता नजर आ रही है।पारस किसी को टच करने पर सोना बना देता है पर पह बहुत ज्यादा अच्छा है कि यह ऐसा पारस है जो लोगों को टच कर स्वस्थ बना देता है। सर के स्वभाव व संस्कार दोनो अच्छे हैं मुझे पारस दुगड जैसा व्यक्ति पहली बार मिला जो कहते हैं कि मुझे काम अच्छा नहीं लगता मुझे समाज सेवा ही अच्छी लगती है।
दुसरी एक और बात कही मैने बहुत से परिवार देखें पर ऐसा संस्कारी परिवार मुझे पहली बार देखने को मिला। मुम्बई जैसे शहर में इतनी अच्छी उपस्थिति होना सर के संस्कारो का ही परिणाम है। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्रजी तातेड ने कहा पारसजी अभिनन्दनीय व्यक्ति है आप प्रेक्टीकल जीवन जीते हैं। पारस सोना नहीं बनाते हैं पारस स्वयं पारस बनाते हैं। पारसजी की यह २२ वर्षो की तपस्या बहुत बडी तपस्या है । आपने इस अभुतपूर्व तपस्या के लिए संम्पूर्ण मुम्बई तेरापंथ समाज , मुम्बई महिला मंडल,लावासरदारगढ की ओर से शुभकामनाएं दी। पारसमल दुगड ने अपने उद्गार व्यक्त किये। गोल्डन बुक आँफ वर्ल्ड रेकार्डस संस्था का आभार व्यक्त किया।गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की, सभी अतिथियो का पदाधिकारियों का श्रोताओं का स्वागत किया एवं देश विदेशो में प्रेक्षाध्यान व योग की कार्य करने का संकल्प लिया श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के मंत्री श्री विजय पटवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विनोद बोहरा, श्रीनवरत्न गन्ना, तेरापंथ प्रोफेसनल फोरम मुम्बई के अध्यक्ष दीपक डागलिया, अणुव्रत समीति मुम्बई के अध्यक्ष श्री रमेश चौधरी,जैन महामंडल के उपाध्यक्ष श्री बाबुलाल बाफना, कांदिवली तेरापंथी सभा के अध्यक्ष जवरीलाल नौलखा, कोषाध्यक्ष श्रीचांदमल कुमठ, तेरापंथी सभा मालाड के अध्यक्ष श्री दलपत बाबेल, प्यारचंद मेहता ,महाप्रज्ञ विध्या निधि ट्रस्ट के के महामंत्री श्री समेर सुराणा , अणुव्रत सेवी ललिता झोगड, तेयुप कांदिवली के अध्यक्ष श्री विनोद डागलिया लावासरदारगढ मित्र मंडल के अध्यक्ष श्री रमेश दुगड सविता जैन, भारती आचार्य, कर्नल देवेन्द्र, हनुमान नगर जैन मित्र मंडल के अध्यक्ष श्री मदन बोहरा, नवीन भाई, घेवरचन्द सुराणा, किशोर धाकड,अशोक मादरेचा, तारा धाकड, तारा चौधरी ने अपनी शुभकामनाऐं दी विचार व्यक्त किये।
प्रेक्षा फाउन्डेशन के संयोजक श्री एनसी जैन, अंजना बेन, निरजंना बेन आदि कई प्रशिक्षक ने भी मौन शुभकामनाएं प्रेषित की एवं उपस्थिति दर्ज करवायी। प्रेक्षा प्रशिक्षिका श्रीमती विमला देवी दुगड ने कुशलता पूर्वक संचालन किया।कार्यक्रम को सफल बनाने मे केन्द्र की पुरी टीम महेन्द्रभाई,अश्वीन भाई, जयेश भाई, दामोदर वाडी केन्द्र व गार्डन केन्द्र,रीटा बेन विमला पटेल पुरा सहयोग रहा।
प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड्स में शामिल

