मुंबई. पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रमोटरों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। विशेष पीएमएलए कोर्ट में सोमवार को सात हजार पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया गया जिसमें इस बात की जानकारी दी गई है कि कैसे इस घोटाले को अंजाम दिया गया और कर्ज के पैसों का संपत्तियां खरीदने के लिए इस्तेमाल हुआ। दोनों आरोपियों को मामले की छानबीन कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था बाद में उन्हें ईडी के हवाले कर दिया गया था।
एचडीआईएल को दिया गया था 6700 करोड़ रुपए का कर्ज
मामले में दोनों के खिलाफ पीएमएलए कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। 16 लाख खाताधारकों वाली पीएमसी बैंक ने एचडीआईएल को 6700 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था। पीएमसी द्वारा दिए गए कर्ज का 73 फीसदी हिस्सा सिर्फ एचडीआईएल को ही दिया गया था। एचडीआईएल के डूबने के बाद बैंक के पैसे भी डूब गए। आरोप है कि पीएमसी बैंक द्वारा एचडीआईएल को दिए गए कर्ज में से करीब 4500 करोड़ रुपए डूब गए।
बैंक ने दिया था 9 हजार रुपए का कर्ज
पीएमसी बैंक में खाताधारकों के 11610 करोड़ रुपए जमा थे जिसमें से उसने 9 हजार करोड़ रुपए कर्ज के रुप में दे दिए थे। बैंक की वित्तीय स्थिति खस्ताहाल होने के चलते केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इसी साल 23 सितंबर को उसके कामकाज पर छह महीनों की रोक लगा दी है। शुरूआत में खाताधारकों को इस अवधि में सिर्फ एक हजार रुपए निकालने की इजाजत थी लेकिन खाताधारकों के भारी विरोध के बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 50 हजार रुपए तक कर दिया।

