अणुव्रत इंसानियत की ऑक्सीजन मुनिश्री जिनेश कुमारजी
पालघर। महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री जिनेश कुमार जी ठाणा 2 के सान्निध्य में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत दूसरे दिन जीवन विज्ञान दिवस व तीसरे दिन अणुव्रत प्रेरणा दिवस अणुव्रत समिति द्वारा तेरापंथ भवन में मनाया गया।
जीवन विज्ञान दिवस पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने कहा-राष्ट्र संत आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी कि शिक्षा जगत को अभिनव देन है जीवन विज्ञान। जीवन विज्ञान सैद्घांन्तिक के साथ प्रायोगिक भी है। जीवन विज्ञान के प्रयोग से बच्चों में आमूल-चूल परिवर्तन देखा गया है। स्वस्थ एवं सुखी जीवन का रहस्य है जीवन विज्ञान। जीवन विज्ञान के पाठ्यक्रम में शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास पर बल दिया गया है क्योकि इन चारों के विकास से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। जीवन विज्ञान दिवस पर स्वस्थ जीवन के रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए ध्यान के प्रयोग कराकर मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर बोराल-शहादा से समागत अरुणभाई पाटिल, प्रह्लाद पाटिल, ऋषभ गेलड़ा ने अपने विचार रखे। संचालन मुनिश्री परमानंद जी ने किया।
अणुव्रत प्रेरणा दिवस पर उपस्थित धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने कहा – अणुव्रत मानवता की मुस्कान है। अणुव्रत मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा है। अणुव्रत इंसानियत की ऑक्सीजन है। अणुव्रत आचार्य तुलसी की इस जगत को अमूल्य देने है। अणुव्रत के ग्यारह नियम हर व्यक्ति को स्वीकार करने चाहिए। अणुव्रत अर्थात छोटे छोटे छोटे व्रत। परंतु इन छोटे छोटे व्रतों में विश्व की बड़ी से बड़ी समस्या सुलझाने के विराट शक्ति छुपी हुई है। निरपराध प्राणी की संकल्पपूर्वक हिंसा नहीं करना, आक्रमण नहीं करना, हिंसात्मक तोड़फोड़ मूलक प्रवृत्तियों में भाग नहीं लेना, मानवीय एकता में विश्वास रखना, धार्मिक सहिष्णुता रखना, व्यवसाय एव व्यवहार में प्रामाणिक रहना, ब्रह्मचारी की साधना और संग्रह में सीमा रखना, चुनाव में अनैतिक आचरण नहीं करना, कुरिढीयों को प्रश्रय नहीं देना, व्यसन मुक्त जीवन जीना, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहना ये अणुव्रत के ग्यारह नियम है। सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। इस अवसर पर मुनिश्री परमानंद जी ने कहा कि व्रत की चेतना का जागरण करना चाहिए। अणुव्रत जीवन का उत्थान करने वाला अनमोल तत्व है। इस अवसर पर अणुव्रत गीत का सामूहिक संगान किया गया। कार्यक्रम में अच्छी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। समिति के मंत्री विमल बदामिया ने अणुव्रत के आगामी कार्यक्रमो की जानकारी दी। यह जानकारी दिनेश राठौड़ ने दी।
पालघर में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह में विविध आयोजन

