मुंबई: भारत की गौरवशाली परम्परा, उसका स्वर्णिम इतिहास और सामाजिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार करने में भारतीय सिनेमा का विशेष योगदान रहा है। जिस तरह साहित्य समाज का दर्पण होता है, उसी तरह सिनेमा समाज को प्रतिबिंबित करता है। कलरफुल लाइट्स, डिस्को फ्लोर, ईडीएम की हाई बीट्स धुनें और इसके साथ रेट्रो थीम बेस्ड पार्टी… यह नजारा दिखा ठाणा के आर सिटी मॉल के बैंक्वेट हॉल में, जहां सैकड़ो महिलाएं बॉलीवुड फिल्मी हस्तियों की तरह सज-धज कर पहुंची थी। इस मौके पर मंडल के पदाधिकारी एवं निर्णायक के रूप में श्रीमती रुचिराजी जैन, श्रीमती ज्योतिजी मुणोत, श्रीमती आशाजी जैन उपस्थित थे। विशेष रूप से श्री सुभाषजी रूणवाल आदि मान्यवरो की विशेष उपस्थिति ने सभी के उत्साह व जोश को दुगुना कर दिया। इस मौके पर महिलाओं द्वारा समूह नृत्य, एकल नृत्य, जोड़ी नृत्य तथा फैशन शो, रैम्प वॉक आदि प्रस्तुति दी गई। साथ ही शोले थीम पर आधारित लघु नाटिका के माध्यम से वोट देने के लिए जागरूकता संदेश दिया गया, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में श्रीमती चंदाजी रूणवाल को नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
मंडल की महामंत्री श्रीमती संध्याजी लोढ़ा ने बताया कि सबसे पहले मैं हमारी मार्गदर्शिका श्रीमती चंदाजी रूणवाल एवं अध्यक्षा श्रीमती रत्नाजी बांठिया का बहुत बहुत आभार प्रकट करती हूँ क्योंकि उनके बिना इस कार्यक्रम के बारे में सोच भी नहीं सकती थे। रत्नाजी की अध्यक्षता में मंडल सदस्यता में बढ़ोतरी हो रही है। ओसवाल उत्कर्ष महिला मंडल द्वारा समय-समय पर अनेकों लाजवाब कार्यक्रम किये जाते रहे हैं। आज भी कोई नर्गिसजी हैं तो कोई मुमताज, कोई प्रियंका बनी है तो कोई दीपिका की पोशाक पहनकर आई हैं। और तो और राज कपूरजी और महमूदजी के किरदार को मंच पर देखना भी बेहद रोमांचक रहा। इस कार्यक्रम की तैयारी काफी समय से चल रही थी। हालाँकि हमने पहले इसे सीमित संख्या में करने का सोचा था किन्तु सदस्यों के उत्साह को देखते हुए हमने मंडल की सभी शाखाओं के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर करने का अंजाम दिया, जिसमें हमारी मार्गदर्शन श्रीमती चंदाजी रूणवाल एवं अध्यक्षा रत्नाजी बांठिया ने बहुत साथ व सहकार देकर हमारी हौसलाअफजाई की और कार्यक्रम को हर स्तर पर बेहतर से बेहतरीन बनाया। हालाँकि हमारे लिए यह एक चुनौती थी क्योंकि आज से पहले बहुत से थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, परंतु इसमें अलग बात यह थी कि यह थीम उस वक्त का है, जब पैदा भी नहीं हुई थी। महिलाएं 1970 से 1980 शतक के थीम पर सजी नजर आई।
उन्होंने हमारे माता-पिता एवं दादा-दादी के समय को एक बार फिर से ताजा कर दिया। महिलाओं से पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। OUMM ने उनकी पुरानी यादें ताजा करवा दी है। संध्याजी ने लोढ़ा ने अपने अलग अंदाज में सूत्र संचालन कर सभी दर्शकों का दिल जीत लिया| अंत में विजेताओं को पुरस्कार वितरण, निर्णायक मंडल का सम्मान एवं आभार प्रकट के साथ जल्द ही मिलने की घोषणा के साथ कार्यक्रम समापन की विधिवत घोषणा की गई।
ओसवाल उत्कर्ष महिला मंडल की रेट्रो थीम पर थिरकी महिलाएं, श्रीमती चंदाजी रूणवाल नारी रत्न से सम्मानित

