य़ूपी ब्यूरो, बस्ती। भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) रामपुर में 25 सितंबर से चल रहे 12 दिवसीय मोमबत्ती निर्माण प्रशिक्षण का सोमवार को समापन हो गया। इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 26 प्रशिक्षार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सार्थक अग्रवाल ने सहभागिता प्रमाणपत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान सीडीओ ने प्रशिक्षुओं से मोमबत्ती निर्माण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जाना और संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
समापन समारोह में सीडीओ ने आरसेटी परिसर का निरीक्षण किया तथा खान-पान की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने निदेशक को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं और प्रशिक्षुओं को ऋण उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की जाए। आरसेटी के निदेशक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान को कुल 1150 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें अब तक 450 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 से 35 दिनों तक चलाए जाते हैं। विशेष रूप से इस बैच में प्रशिक्षुओं को मोमबत्ती निर्माण के साथ-साथ अगरबत्ती निर्माण का कौशल भी सिखाया गया, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में जिला अग्रणी बैंक के प्रतिनिधि आरएन मौर्या ने प्रशिक्षार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें ऋण सुविधाओं और सरकारी सहायता पर जोर दिया गया। इस दौरान आरसेटी के वरिष्ठ संकाय सदस्य धीरज राय, अखिलेश मिश्रा, सहायक मंजय सिंह, आशीष त्रिपाठी, मनोज कुमार तथा सभी प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने आरसेटी के प्रशिक्षुओं को वितरित किए प्रमाणपत्र, आत्मनिर्भरता पर जोर

