बेंगलुरु। जीतो लेडीज़ विंग बेंगलुरु नॉर्थ द्वारा महिलाओं एवं युवतियों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “आत्मनिर्भर – सुई धागा, सपनों की उड़ान” सिलाई एवं प्रशिक्षण परियोजना का शुभारंभ राजाजीनगर स्थित जीतो कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र के साथ हुआ। जीतो लेडीज विंग महामंत्री रक्षा छाजेड़ ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
जीतो लेडीज विंग चेयरपर्सन श्रीमती लक्ष्मी बाफना ने परियोजना की संकल्पना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती अलका लोढ़ा ने प्रतिभागियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, वहीं सह-संयोजिका श्रीमती सारिका जैन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सिलाई कौशल को स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम में एपेक्स कन्वीनर श्रीमती बिंदु रायसोनी एवं आत्मनिर्भर–हाउसहोल्ड बिजनेस मॉडल की सह-संयोजिका श्रीमती प्रिया जैन ने इस पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की। फर्स्ट लेडी श्रीमती मधु कटारिया एवं जेएलडब्ल्यू चैप्टर की सह-संयोजिका श्रीमती सूर्यकला सियाल ने महिला सशक्तिकरण और कौशल आधारित शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षिका श्रीमती अनीता भाटी ने अपने प्रेरणादायक अनुभव साझा करते हुए बताया कि सिलाई एवं टेलरिंग का कौशल महिलाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने कौशल को आय के साधन में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षु रजनी पालरेचा एवं वनीता जैन ने भी प्रशिक्षण के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अपने भविष्य और आजीविका के लिए उपयोगी बताया।
परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को निःशुल्क सिलाई एवं टेलरिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सिलाई मशीनें भी प्रदान की जाएंगी। समिति सदस्य संगीता नागोरी एवं लेखा गांधी के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में महामंत्री रक्षा छाजेड़ ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, समिति सदस्यों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान प्रदान करेगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जीतो लेडीज़ विंग बेंगलुरु नॉर्थ की अनूठी पहल

