बेंगलुरु। जीतो बेंगलुरु नॉर्थ लेडीज विंग द्वारा ‘स्वयम्’ वर्टिकल के अंतर्गत आयोजित “माइक मास्टर्स – मास्टरिंग द आर्ट ऑफ पब्लिक स्पीकिंग” कार्यशाला का भव्य शुभारंभ जीतो कार्यालय में उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। छह दिवसीय इस कार्यशाला में लगभग 30 बच्चों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य बच्चों में स्टेज फियर दूर कर आत्मविश्वास एवं पब्लिक स्पीकिंग कौशल को विकसित करना है। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक नवकार महामंत्र एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में लेडीज विंग नॉर्थ कन्वीनर श्री नेमीचंद दलाल, प्रशिक्षक श्री नरेश गादिया, सुश्री कृषा शाह एवं सुश्री अवधि चौहान सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
लेडीज विंग अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी बाफना ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं बच्चों का हार्दिक स्वागत किया। अपने संबोधन में कहा कि “माइक मास्टर्स केवल बोलना नहीं सिखाएगा, बल्कि बच्चों को बिना डर के अपनी बात रखने का आत्मविश्वास देगा। अगर आप आगे आकर बोलेंगे, तो जीवन में आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि गलतियों से डरना नहीं चाहिए, क्योंकि वहीं से सीखने की शुरुआत होती है।
मुख्य अतिथि श्री नेमीचंद दलाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में कम्युनिकेशन स्किल सबसे बड़ी ताकत है। “जो बच्चा आज माइक पकड़ना सीखता है, वही कल का लीडर बनता है।” उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को घर पर बोलने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षकों ने पहले दिन बच्चों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से स्टेज फियर दूर करने के उपाय सिखाए। श्री नरेश गादिया ने इंटरएक्टिव सत्रों से बच्चों का मार्गदर्शन किया, सुश्री कृषा शाह ने बच्चों को प्रतिदिन आईने के सामने 2 मिनट बोलने का अभ्यास दिया, वहीं सुश्री अवधि चौहान ने आगामी गतिविधियों की जानकारी साझा की। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ मंच पर आकर अपना परिचय दिया, जिससे वातावरण ऊर्जा और आत्मविश्वास से भर गया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन लेडीज विंग महामंत्री श्रीमती रक्षा छाजेड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर कोर टीम के सदस्य— सुमन वेदमुथा (उपाध्यक्ष), तनुजा मेहता (कोषाध्यक्ष), मीना बडेरा (सहमंत्री) तथा कमेटी सदस्य स्वीटी जैन एवं लता नवलखा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। यह कार्यशाला बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल के रूप में देखी जा रही है।
“माइक मास्टर्स-मास्टरिंग द आर्ट ऑफ पब्लिक स्पीकिंग” कार्यशाला

