जब सिनेमा कॉन 2026 में लास वेगास में इंडियन सिनेमा ने ग्लोबल स्टेज पर अपनी धाक जमाई, तब रॉकिंग स्टार यश ने अपनी अपकमिंग फिल्म “टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स” को लेकर ऐसे-ऐसे खुलासे किए कि सबकी नजरें बस उन पर टिक गईं। रामायण के को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के साथ बातचीत करते हुए, यश ने इस फिल्म की दुनिया की एक झलक दिखाई — और भाई, ये कुछ अलग ही लेवल का गेम लग रहा है!
फिल्म के बारे में बात करते हुए यश ने कहा, “पहली बार, हमने इस फिल्म को इंग्लिश में भी शूट किया है। कॉन्सेप्ट के तौर पर ये काफी लेयर्ड है। ये कोई टाइपिकल गैंगस्टर एक्शन कहानी नहीं है। ऊपर-ऊपर से देखोगे तो लगेगा कि फुल एक्शन से भरी गैंगस्टर फिल्म है, लेकिन अंदर से ये डीप साइकोलॉजी और इंसानी जिंदगी के दिलचस्प पहलुओं को एक्सप्लोर करती है, जिससे लोग आसानी से कनेक्ट कर पाएंगे। और एक डार्क किरदार को पेश करने का तरीका भी काफी यूनिक है।”
डायरेक्टर गीटू मोहनदास और टीम के साथ काम करने का एक्सपीरियंस शेयर करते हुए यश बोले, “ये एक्सपीरियंस काफी एक्साइटिंग था। हमारी डायरेक्टर गीटू मोहनदास और टीम के बेहतरीन टेक्नीशियंस ने गैंगस्टर फिल्म को एक नया ट्विस्ट दिया है। मुझे इस पर काम करके बहुत मजा आया। ये फिल्म सिर्फ विजुअल ट्रीट नहीं होगी, बल्कि ऑडियंस की साइकोलॉजी पर भी गहरा असर डालेगी।”
इंडियन सिनेमा के बदलते रूप पर बात करते हुए यश ने इंडिया को “अपने आप में एक पूरी दुनिया” बताया — जहां हर कुछ सौ किलोमीटर में भाषा और कल्चर बदल जाता है। उन्होंने ये भी कहा कि डबिंग और पैन-इंडिया स्टोरीटेलिंग ने अलग-अलग क्षेत्रों के ऑडियंस को जोड़ने में बड़ा रोल निभाया है। उनके लिए टॉक्सिक इसी बदलाव का हिस्सा है – एक ऐसी फिल्म जो इंडियन जड़ों से जुड़ी है, लेकिन ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
“ये उन फिल्मों में से है जो हर किसी को अपील करेगी और साथ ही एक यूनिक एक्सपीरियंस भी देगी,” उन्होंने आखिर में कहा।
गीटू मोहनदास के डायरेक्शन में बनी और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स व केवीएन प्रोडक्शन्स द्वारा प्रोड्यूस की गई “टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोनअप्स” में यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया की दमदार कास्ट नजर आएगी। फिल्म 4 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
रॉकिंग स्टार यश बोले – “टॉक्सिक कोई टाइपिकल गैंगस्टर कहानी नहीं है,” इसे बताया एक लेयर्ड साइकोलॉजिकल ड्रामा

