विकास धाकड़/कुठवा {पनवेल} मुंबई। पूज्य प्रवर आचार्य जी महाश्रमणजी नें महती कृपा करकें सुश्रावक शांतिलालजी बाफना कों कहाँ की अनशन करना जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है। यह आत्मकल्याण का मार्ग है। ज्ञात हुआ कि श्री शांतिलालजी बाफना ने अनशन स्वीकार किया है।
वे खूब मनोबल के साथ परिणामों की उज्ज्वलता वर्धमान रखें। जप, स्वाध्याय आदि का प्रयोग चलता रहे। ध्यान केवल आत्मा में रहे। सभी पारिवारिक व संबंधीजन उनके परिणामों की निर्मलता में सहयोगी बने रहें। प्रवासी श्रीमान शांतिलालजी गणेशलालजी बाफना {उम्र-78} नें पारावरीक जन एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में,दृढ़ मनोबल के साथ, प्रवक्ता उपासकजी श्रीमान अर्जुनलालजी सोलंकी नें देव, गुरु एवं धर्म की आज्ञा सें शनिवार 08,11,2025 रात्रि 11.43 कों तिविहार संथारा का प्रत्याख्यान करवाया.!
सोमवार 10.11.2025 कों ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:11 मिनिट पर,पारावरीक जन एवं रिश्तेदार की उपस्थिति में, दृढ़ मनोबल एवं उच्च भाव देखकर, देव, गुरु एवं धर्म की साक्षी सें उपासकजी प्रकाश जी धाकड़ सायन {शिशोदा} नें चोविहार संथारा का प्रत्याख्यान करवाया.!
देव, गुरु और धर्म के पुण्य प्रताप एवं आचार्य श्री महाश्रमण जी के मंगल आशीर्वाद से संथारा साधक सुश्रावक श्रीमान शांतिलालजी बाफना का चौविहार संथारा मंगलवार 11 नवंबर 2025 कों दोपहर 01:55 पर सीज गया,बेकुंठ यात्रा बुघवार प्रातः 9:15 उनके निवास स्थान {कुंठवा} ग्राम सें विशाल जनमेदनी के साथ प्रस्थान किया, श्रमण भगवान महावीर स्वामी, क्रान्तिकारी वीर भिक्षु,जय जय ज्योति चरण,संथारा साधक अमर रहें,आदि स्लोगन के साथ, रैली गुंजाय मान होती रही।
खास बात यही रही संथारा के समय ग्रामवासी, रिश्तेदार, पारावरिक जन एवं पुरे परिवार नें जागरूकता का परिचय देतें हुवें, सुबह सें रात्रि तक 24 घंटे जप, तप, स्वाध्याय, सामायिक, लोगस्स,पदमावती माता की ढाल,गीतिका आदि धार्मिक वातावरण सें पूरा घर गुंजयमान रहा, जिससे संथारा साधक नें सम भाव में अपना आयुष्य पूरा करकें अपने परम् लक्ष्य की और अग्रसर हों सकें.! इसकों सफल बनाने में पुरे ग्रामवासी, सभी पारिवारीक,ससुराल पक्ष,बेटा, बेटीया, बहु,भाई, भोजाई, बहन,बहनोई,धर्म पत्नी,रिश्तेदार, पोता, पोती एवं श्रावक समाज आदि की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग रहा.!


