ठाणे। 13 नवंबर को साध्वी श्री का प्रवास शांतिलाल जी बाफना के निवास स्थान पर हुआ। श्रद्धालु भाई बहनों ने स्वागत में गीतिका वह विचारों की माध्यम से भावना व्यक्त की। इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश बसंती लाल जी बाबेल वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड़ विमला देवी दुगड शांतिलाल जी बापना उपासिका शांताबाई नवलखा महिला मंडल अध्यक्षा लीला देवी तेरापंथ सभा अध्यक्ष भेरुलालजी बापना पिस्ता देवी बापना जोधराज तलेसरा आदि ने अपनी भावना प्रस्तुत की।
महिला मंडल ने गीतिका प्रस्तुत की। साध्वीश्री विनय प्रभाजी प्रतीक प्रभाजी सुमधुर गीतिका प्रस्तुत की । साध्वी श्री सरल प्रभाजी ने उदाहरण के माध्यम से सत्संग का महत्व बतलाया। साध्वीश्री प्रतीक प्रभा जी ने भी अपनी अभिव्यक्ति ।14 नवंबर को साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी ने भवी और अभवी के पहचान परिभाषा बताते हुए सम्यक्तव रत्न की सुरक्षा के लिए उपशम की साधना व देव गुरु धर्म के प्रति अटूट आस्था व श्रद्धा रखने की प्रेरणा दी। सायं कालीन रात्रि प्रवास प्रवक्ता उपासक पारसमल विमला देवी दुगड़ के निवास स्थान पर रहा ।15 नवंबर को साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी ने प्रातः कालीन प्रवचन में संवेग मोक्ष की अभिलाषा की साधना में रत रहने वाला केवल ज्ञान को प्राप्त कर लेता है इस पर विस्तृत चर्चा की ।
इस अवसर पर प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड पूर्व न्यायाधीश बसंती लाल जी बाबेल ने प्रेक्षा योग रश्मियां पुस्तक साध्वी श्री को उपहृत की यह पुस्तक पारसमल दुगड द्वारा लिखी गई है जो विशिष्ट है जनोपयोगी है। साध्वी श्रीजी ने फरमाया आज के युग में निःस्वार्थ प्रेक्षा ध्यान कार्यशालाओं का प्रेक्षा सेंटर में अपनी सेवाएं प्रदान करने वाले दुगड़ दंपति धर्म संघ की अत्यधिक प्रभावना कर रहे हैं । रात्रिकालीन प्रवचन से पूर्व साध्वी श्री के पावन सान्निध्य में ज्ञानवर्धक ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने वाली अच्छे अंक प्राप्त करने वाली सभी बहनों का श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा अध्यक्ष भेरुलाल जी मंत्री बाबूलाल जी कच्छारा प्रकाश जी संचेती द्धारा पारितोषिक वितरण किया गया ।
साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी ने उपस्थित भाई बहनों को विशेष उद्बोधन देते हुए सभी श्रावक श्राविकाओं से कहा हमारे जाने के बाद भी राजा परदेशी की तरह धर्म बाड़ी हमेशा हरी भरी रखें धर्म ध्यान निरंतर बना रहे । यहां के लोग श्रद्धालु है स्थान की बहुत अनुकूलता भी है हम सब सौभाग्यशाली हैं हमें भेक्षव शासन और आचार्य श्री महाश्रमणजी की अनुशासना मिली उसका पूरा उपयोग करें।मंगल भावना समारोह में तेरापंथ सभा के अध्यक्ष भेरुलाल जी बाफना , शांताजी एवं विमलाजी नेअपनी भावना व्यक्ति की 17 तारीख को साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी जेतपुरा से विहार कर खटामला पधारेंगे।
साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी आदि ठाणा-4 का लावा सरदारगढ़ में तीन दिवसीय प्रवास

