मुंबई। जारो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड रिसर्च लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में दमदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। राजस्व में जोरदार बढ़ोतरी, बेहतर परिचालन क्षमता और खर्चों पर सख्त नियंत्रण की वजह से कंपनी के मुनाफे में शानदार सुधार हुआ है। सितंबर 2025 में आए आईपीओ के बाद यह कंपनी का दूसरा वित्तीय परिणाम है।
आय में वृद्धि तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 6,000.96 लाख रुपये रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही (4,329.18 लाख रुपये) के मुकाबले 38.6% की सालाना वृद्धि दर्शाता है। कंपनी की अन्य आय भी 19.52 लाख रुपये से बढ़कर 179.51 लाख रुपये हो गई। इसके परिणामस्वरूप, कुल आय 42.12% बढ़कर 6,180.47 लाख रुपये पर पहुंच गई। इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 5,246.98 लाख रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर केवल 7.53% की वृद्धि हुई। आय में हुई 42.12% की भारी बढ़ोतरी के मुकाबले खर्चों में यह बढ़त काफी कम है। कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 1,946.92 लाख रुपये पर लगभग स्थिर रहा, जबकि अन्य खर्च कारोबार के विस्तार के साथ बढ़े।
कंपनी के कामकाज के प्रदर्शन में बड़ा सुधार हुआ है। इस तिमाही में इबीआईटीडीए 1,229.36 लाख रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 102.18 लाख रुपये का घाटा हुआ था। इबीआईटीडीए मार्जिन भी -2.35% से सुधरकर 19.89% हो गया है, जो बेहतर कार्यक्षमता को दर्शाता है। मुनाफे के हर स्तर पर मजबूती दर्ज की गई। कर-पूर्व लाभ 933.49 लाख रुपये रहा, जबकि पिछले साल 530.76 लाख रुपये का घाटा था। इसी तरह, कंपनी ने 703.06 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि पिछले साल 388.87 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। PAT मार्जिन भी -8.94% से बढ़कर 11.38% हो गया। आईपीओ के बाद जारो का यह मजबूत प्रदर्शन मुनाफे वाली ग्रोथ और खर्चो के सही प्रबंधन पर कंपनी के फोकस को दिखाता है। राजस्व में तेजी और मार्जिन में सुधार के साथ, जारो आने वाली तिमाहियों में भी अपनी तरक्की और मुनाफे की रफ्तार बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जारो इंस्टीट्यूट का तीसरी तिमाही में दमदार वित्तीय प्रदर्शन

