सुरभि सलोनी रिपोर्ट, हरिद्वार। उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार (27 जुलाई 2025) सुबह करीब 9:30 बजे के करीब मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के संकरे सीढ़ी मार्ग पर भारी भीड़ जमा होने के कारण यह हादसा हुआ। कुछ सूत्रों ने बताया कि सीढ़ियों के पास बिजली के तार में करंट की अफवाह फैलने से श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने करंट की अफवाह को खारिज किया है और कहा कि भीड़ का दबाव ही मुख्य कारण था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ, और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू किए। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने पुष्टि की कि 35 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मृतकों की संख्या 6 है। सभी घायलों का रेस्क्यू कर लिया गया है, और स्थिति अब नियंत्रण में है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। मैं निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।” उन्होंने माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना भी की।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि वह घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। हरिद्वार के जिलाधिकारी ने भी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। मंदिर का महत्व और भीड़ का कारण: मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार के पंच तीर्थों में से एक है और शिवालिक पर्वत श्रृंखला के बिल्वा पर्वत पर स्थित है। सावन का महीना होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी, खासकर रविवार होने के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली, और हरियाणा से आए श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। कांवड़ यात्रा के बाद रास्ते खुलने से भी भीड़ में अचानक वृद्धि हुई। एक घायल श्रद्धालु ने बताया कि संकरे रास्ते पर अचानक भीड़ बढ़ गई, और धक्का-मुक्की के कारण लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। एक अन्य चश्मदीद ने कहा कि बिजली के पिलर में शॉर्ट सर्किट की अफवाह ने अफरा-तफरी को और बढ़ा दिया। प्रशासन ने मंदिर में दर्शन के लिए फिलहाल कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया है, और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना की जांच जारी है, और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 6 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 27, 2025

