यूपी ब्यूरो, बस्ती (उ.प्र.)। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की लगातार उपेक्षा को लेकर राज्य भर के फार्मासिस्टों में आक्रोश बढ़ रहा है। फार्मासिस्टों ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएचओ) को एक पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी हैं, जिसमें दवा वितरण, परामर्श और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचवो) पद पर उनकी नियुक्ति की बात प्रमुख है।
यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सामूहिक आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण स्तर पर दवा वितरण और परामर्श का कार्य एएनएम, जीएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कराया जा रहा है, जबकि यह कार्य केवल प्रशिक्षित और पंजीकृत फार्मासिस्टों का है। फार्मासिस्टों का तर्क है कि कम जानकारी वाले लोगों से यह काम कराना न केवल फार्मेसी एक्ट के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीण जनता की सेहत के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर रहा है। हाल ही में सीएचवो की भर्ती में भी फार्मासिस्टों को दरकिनार कर एएनएम, जीएनएम नर्सिंग स्टाफ को प्राथमिकता दी गई, जबकि फार्मासिस्टों का दावा है कि सीएचवो पद का दायित्व उन्हें सौंपा जाना चाहिए। वे एमबीबीएस डॉक्टरों से परामर्श लेकर सही प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर सकते हैं, दवाओं का सुरक्षित उपयोग और खुराक बताने में सक्षम हैं, तथा प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर्स को कुशलतापूर्वक चला सकते हैं।
पत्र में उल्लेख है कि ग्रामीण स्तर पर फार्मासिस्टों के लिए कभी वैकेंसी नहीं निकाली गई, जो उन्हें जानबूझकर दबाने की साजिश दर्शाती है। फार्मासिस्टों ने जो मांगें रखीं वह इस प्रकार है जिसमें ग्रामीण स्तर पर फार्मासिस्टों की नियमित भर्ती और वैकेंसी निकाली जाए। सीएचवो पद पर फार्मासिस्टों को शामिल किया जाए। दवा वितरण एवं परामर्श का अधिकार केवल फार्मासिस्टों को दिया जाए; आयुष आरोग्य मंदिरों में भी उन्हें रखा जाए। फार्मेसी एक्ट के नियमों का सख्ती से पालन हो, एएनएम, जीएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके निर्धारित क्षेत्रों (टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, जागरूकता) तक सीमित रखा जाए। फार्मासिस्टों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो सभी फार्मासिस्ट सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है और फार्मासिस्ट यूनियनों की ओर से जल्द ही प्रदर्शन की योजना बन रही है। राज्य सरकार से इस पर ध्यान देने की मांग की जा रही है, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो सकें और योग्य के अनुसार काबिल को उनका हक मिले। ज्ञापन देने में जिला प्रभारी शिवम अग्रहरी जिला महामंत्री आदर्श वर्मा आदर्श कुमार पुनीत पाण्डेय कार्तिक त्रिपाठी अभिनीत सिंह आदि लोग शामिल रहे।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अधिकारों की अनदेखी, सीएचओ पद पर नियुक्ति से वंचित, आंदोलन की चेतावनी

