दिनेश कुमार/ सुरभि सलोनी :
साइ फाइ इंडियन फ़िल्म के बैनर एवं फॉलिंग स्काई एंटरटेनमेंट के सहयोग से बनाई गई फ़िल्म “मानो या ना मानो एनीथिंग इज पॉसिबल” 7 नवंबर को रिलीज हो चुकी है, फ़िल्म की कहानी बेहद दिलचस्प है जबकि अंत एकदम आश्चर्यजनक है। फ़िल्म एक ऐसे व्यक्ति पर बेस्ड है जो पिछले 14000 वर्षों से ज़िंदा है। फ़िल्म में हितेन तेजवानी, राजीव ठाकुर, शिखा मल्होत्रा, निहार ठक्कर, पूर्णिमा नवानी, हँसी श्रीवास्तव, संजीव शुबा श्रीकर आदि कलाकारों ने अहम किरदार निभायें हैं जबकि निर्देशन योगेश पगारे ने किया है।
कहानी: एक यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे कुछ प्रोफ़ेसर अपने साथी प्रोफ़ेसर वंश (राजीव ठाकुर) के जन्मदिन व इतिहास के प्रोफ़ेसर मानव (हितेन तेजाजी) की विदाई पार्टी कर रहे होते हैं। इसी दौरान सभी मानव के कॉलेज से रिजाइन करके जाने का कारण पूछते हैं और उसे रोकने की कोशिश करते हैं। इस पर मानव कहता है कि वह कहीं भी 10 साल से अधिक नहीं रुकता। आश्चर्य से सभी कारण पूछते हैं तो वह बताने में आनाकानी करता है और बातों को घुमाने लगता है। सभी जिद करते हैं तो वह कहता है कि मैं पिछले 14000 वर्षों से पृथ्वी पर जिंदा हूँ। यह सुनते ही सभी आश्चर्यचकित हो जाते हैं जबकि वंश (राजीव ठाकुर) भड़क जाता है। कहता है यह झूठ बोल रहा है। ऐसी बातें करके इसने पार्टी ख़राब कर दी। अच्छा खासा मस्ती चल रही थी लेकिन इसने सारा मज़ा किरकिरा कर दिया। वह मानव को चुप कराता है लेकिन बाक़ी सभी उसकी कहानी सुनना चाहते हैं। कहानी आगे बढ़ती है, वंश तमतमाया रहता है। बावजूद इसके बाकी लोग उसकी बातें सुनना जारी रखते हैं। आगे क्या होता है, किस तरह सारी बातों का खुलासा होता है, इसे फ़िल्म में देखेंगे तो अलग ही रोमांच आयेगा।
अभिनय: फ़िल्म “मानो या ना मानो – एनीथिंग इज पॉसिबल” में हितेन तेजवानी और राजीव ठाकुर का मुख्य किरदार है और उन्होंने बढ़िया किया भी है। बाक़ी मेघना के किरदार में शिखा मल्होत्रा ने अच्छा किया है। उन्हें जितना मौक़ा मिला है, उसे अच्छा करने की कोशिश की है। निहार ठक्कर, पूर्णिमा नवानी, हँसी श्रीवास्तव, संजीव शुबा श्रीकर सपोर्टिव किरदारों में अच्छे लगे हैं।
निर्देशन: यंग निर्देशक योगेश पगारे पहले भी काफ़ी काम कर चुके हैं बाक़ी इस फ़िल्म की बात करूँ तो उनका निर्देशन अच्छा व कसा हुआ है। कोई भी सीन अनायास नहीं है, सिर्फ़ 2 लोकेशंस पर बनी इस फ़िल्म में उनकी काबिलियत झलकती है। फ़िल्म में कोई गाना तो नहीं है, लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक फ़िल्म के मुताबिक़ है। कुल मिलाकर यह एक अच्छी फ़िल्म है। “सुरभि सलोनी” की तरफ़ से “मानो या ना मानो – एनीथिंग जी पॉसिबल” को 5/3.5 स्टार।

