मुंबई। क्या आपकी एलआईसी पॉलिसी गुम हो गई है या कहीं मिसप्लेस हो गई है? अब घबराने की जरूरत नहीं है। यदि आपके एलआईसी पॉलिसी रिकॉर्ड में दर्ज नाम पैनकार्ड, आधारकार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम के अनुसार एक समान अपडेट है, तो पॉलिसी की मैच्योरिटी पर बिना ओरिजिनल पॉलिसी दस्तावेज़ जमा किए भी भुगतान प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए आवश्यक है कि पॉलिसी की मैच्योरिटी तारीख से पहले एलआईसी रिकॉर्ड में आपका नाम पैन, आधार और बैंक के अनुसार एक समान दर्ज हो।
बीमा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार एलआईसी में भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अब पहचान सत्यापन में पॉलिसीधारक के पैन, आधार और बैंक खाते के विवरण का मिलान किया जाता है। यदि इन सभी दस्तावेज़ों में पॉलिसीधारक का नाम एक ही रूप और वर्तनी में दर्ज पाया जाता है, तो मैच्योरिटी के समय भुगतान प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है और राशि सीधे पॉलिसीधारक के बैंक खाते में जमा की जा सकती है।
कई बार ऐसा होता है कि लंबे समय तक पॉलिसी रखने के कारण मूल पॉलिसी दस्तावेज़ कहीं रखे-रखे गुम हो जाते हैं या मिल नहीं पाते। ऐसे मामलों में पॉलिसीधारक को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह जरूरी है कि उनके एलआईसी पॉलिसी रिकॉर्ड में नाम की जानकारी अन्य पहचान दस्तावेज़ों के अनुरूप हो। यदि नाम की वर्तनी या क्रम में अंतर पाया जाता है, तो भुगतान प्रक्रिया में अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पॉलिसीधारकों को समय रहते अपने एलआईसी पॉलिसी रिकॉर्ड में दर्ज नाम का पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते के नाम से मिलान कर लेना चाहिए। यदि कहीं भी नाम अलग-अलग रूप में दर्ज है तो तुरंत आवश्यक सुधार करवाना चाहिए। इससे न केवल पॉलिसी की मैच्योरिटी के समय भुगतान प्राप्त करने में आसानी होगी, बल्कि किसी आकस्मिक स्थिति में पॉलिसीधारक के निधन के बाद नॉमिनी को भी क्लेम प्राप्त करने में अनावश्यक देरी और परेशानियों से बचाया जा सकेगा।
बीमा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार डिजिटल और दस्तावेज़ आधारित सत्यापन के इस दौर में पॉलिसीधारकों के लिए अपने सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में नाम की एकरूपता बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो और बीमा का लाभ समय पर मिल सके।
एलआईसी पॉलिसी गुम हो गई? नाम सही हो तो बिना ओरिजिनल दस्तावेज़ के भी मिल सकता है मैच्योरिटी भुगतान

