राजकुमार गौर, बस्ती (उ.प्र)। विश्व बाल दिवस के पावन अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास एवं पुष्टाहार लखनऊ के निर्देशानुसार जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) का सफल आयोजन किया गया। विक्रमजोत, गौर सहित जिले की लगभग सभी बाल विकास परियोजनाओं में यह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।
बाल विकास परियोजना विक्रमजोत के सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि परियोजना क्षेत्र के लगभग 25 आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य सेविकाओं एवं स्वयं द्वारा निरीक्षण किया गया। सभी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों के साथ खेल-खेल में शिक्षा, पेंटिंग, रीडिंग-राइटिंग जैसी गतिविधियों के साथ अभिभावकों से सार्थक संवाद स्थापित किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सेविका कुसुम सिंह, सरिता सिंह, तनु पांडे, प्रतीक्षा सिंह एवं अंकिता कुमारी ने किन्नौना, नगर, बदली, अकल, माझलगांव, आरजी देवघर, शंकरपुर, खत्मसराय आदि केंद्रों का जायजा लिया। वहीं सीडीपीओ बलराम सिंह ने स्वयं आराजी देवघर एवं देवखर कलंदरहा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यकर्ताओं व बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इसी क्रम में बाल विकास परियोजना गौर में भी मुख्य सेविका गीता सिंह, कामिनी कुमारी, सीलम शुक्ला एवं पूजा मिश्रा ने विभिन्न केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों की गुणवत्ता जांची। अभिभावकों को संबोधित करते हुए सीडीपीओ बलराम सिंह ने कहा, “अपने बच्चे को रोज़ कम से कम एक घंटा समय ज़रूर दें। आंगनबाड़ी में तैयार करके भेजें। जहाँ नर्सरी-केजी के लिए कॉन्वेंट स्कूलों में मोटी फीस, टिफिन और आने-जाने की अलग व्यवस्था करनी पड़ती है, वहीं आपके गाँव में आंगनबाड़ी केंद्र पर यही सारी सुविधाएँ एवं गुणवत्तापूर्ण प्री-स्कूल शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही बच्चों को पौष्टिक भोजन भी मिलता है।” उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे की अलग-अलग गतिविधियों (पेंटिंग, रीडिंग, राइटिंग, चित्रकला आदि) का व्यक्तिगत रिकॉर्ड रखा जाए तथा अभिभावकों से अपील की कि वे हर 15 दिन में कम से कम एक बार केंद्र पर आएँ और अपने बच्चे के किए कार्यों को स्वयं देखें। इससे अभिभावक-आंगनबाड़ी के बीच विश्वास बढ़ेगा और केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति में भी वृद्धि होगी।
एक घंटा बच्चे को दो, उसका भविष्य चमक जाएगा – पेरेंट्स मीटिंग पर सीडीपीओ बलराम सिंह का संदेश

