वॉशिंगटन:अमेरिकी कांग्रेस में शुक्रवार को पेश एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन लगातार दुनियाभर में अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि अपनी बीआरआई परियोजना के तहत वह अलग अलग देशों में अपने मिलिट्री बेस बना रहा है। चीन ने इसके लिए बीआरआई परियोजना में अरबों डॉलर निवेश किया है।
पेंटागन ने रिपोर्ट में कहा कि चीन परमाणु क्षमता वाली मिसाइल, एसैट हथियारों और पनडुब्बियों के विकास में निरंतर काम कर रहा है। वह पाकिस्तान समेत कई देशों में अपने सैन्य भंडार तैयार कर रहा है। विदेशी धरती पर चीनी सेना को पहुंचाना वैश्विक स्तर पर अपनी ताकत को बढ़ाने की नीति के तहत किया जा रहा है। चीन की सबमरीन नियमित तौर पर कराची में मौजूद रही हैं।
पश्चिमी एशिया, प्रशांत क्षेत्र में दिलचस्पी
पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया कि पश्चिमी एशिया-प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण पूर्व एशिया में चीन की खास दिलचस्पी है। वह यहां अपने मिलिट्री बेस बनाना चाहता है। सैन्य क्षमता बढ़ाने के पीछे चीन का मुख्य उद्देश्य ताइवान, दक्षिण और पूर्व चीनी महासागरों में किसी भी तरीके के अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को रोकना है।
पाक को अरबों के हथियार बेचे
रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन भारत को कमतर दिखाने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करता है। चीन ने पाकिस्तान को करीब 5 अरब डॉलर से अधिक के हथियार बेचे हैं। इनमें कैगॉन्ग आर्म्ड ड्रोन से लेकर, छोटे हथियार और 8 युआन-क्लास सबमरीन व 4 टाइप-054ए मल्टी-रोल युद्ध पोत शामिल हैं।
सबमरीन में कर रहा सुधार
पेंटागन ने कहा,‘चीन लगातार अपनी जमीनी और परमाणु क्षमता वाले सबमरीन में सुधार कर रहा है और परमाणु क्षमता वाली हवाई बैलिस्टिक मिसाइल को विकसित करने के साथ ही परमाणु परीक्षण करने पर काम कर रहा है।

