डोम्बिवली: जैन धर्म में तपस्या का बड़ा महत्व है खाश कर चातुर्मासिक महापर्व के दौरान। यही वजह है कि आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी श्री सोमलता जी एवं साध्वी वृन्द की प्रेरणा से सेजल अजित कोठारी कि 9 की तपस्या पूर्ण हुई। इस अवसर पर सेजल कोठारी की तप कर प्रति अनुमोदना व्यक्त करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन रखा गया। सेजल अजित कोठारी का कहना कि गुरुदेव की असीम कृपा एवं शासन श्री साध्वी श्री सोमलता जी एवं साध्वी वृन्द की प्रेरणा और परिवार के सहयोग से यह तपस्या पूर्ण हो पाई। सेजल के पिता अजित कोठारी ने भी खुशी व्यक्त की।
शासन श्री साध्वी सोमलता जी ने कहा कि तपस्या कर्मो की निर्जरा है तपस्या करने वाले का मनोबल सराहनीय है। एवं समस्त साध्वी वृन्द ने सेजल की इस तपस्या के अवसर पर स्वरचित गीतिका का संगान करके विशेष पाथेय प्रदान किया। स्थानीय तेरापंथ समाज ने सेजल का साहित्य द्वारा सम्मान किया।
डोम्बिवली में सेजल अजित कोठारी की 9 की तपस्या की अनुमोदना कार्यक्रम का आयोजन

