मुंबई। कालबादेवी में शासन श्री साध्वी कैलाशवति जी ने शिवरार्थियो को चित्त समाधि मे जीने की कला बताते हुए कहा शारीरिक दुख को दूर करने के लिए दवाइयों का सहारा लेते है लेकिन भावनात्मक बीमारी की कोई औषधि नहीं है जो किसी भी मेडिकल पर प्राप्त हो सके। मैं आज सभी से कहना चाहूंगी ईष्र्या व लालसा का संवरण करें , विसर्जन करें जिससे चित्त समाधि प्राप्त होगी । सहिष्णुता की गंगा में स्नान करें विनम्रता के कपड़े पहने तो चित्त समाधि का पादुर्भाव होगा ।
साध्वी पंकज श्री जी ने संयोजन करते हुए कहा सत्य व प्रमाणिकता से हम चित्त समाधि को प्राप्त कर सकते हैं जो व्यक्ति सत्य की राहों पर चलता है उससे सारे खतरें टल जाते हैं विषाद संपन्न हो जाते हैं। अपेक्षा है दूसरों को न टटोले स्वयं को देखें ठग हमेशा दूसरों के समान को देखता है सम्भालता है लेकिन खुद को नहीं जो खुद को देखता है वह चित्त समाधि का सम्राट बन जाता है। साध्वी शारदा प्रभा जी ने कहा चित्त समाधि का अर्थ है आनंद में जीना। आधी, व्याधि ,उपाधि का उपशमन होना ही चित्त समाधि हैं।
वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारस जी दूगड़ ने कहा जिस दिन हम ब्रेन को चलाना सीख जाएंगे उस दिन हमारे भीतर चित्त समाधि आ जाएगी पारस जी ने बहूत ही सुंदर व उपयोग की क्रियाएं करवाकर बहुत सारे लोगों को स्वस्थता का अनुभव कराया। मुद्राओं के द्वारा चिकित्सा कराकर स्वास्थ्य जीने की चाबी देकर सभी को चित्त समाधि का नजारा दिखाया साध्वी ललिताता श्री जी, साधु सम्यकत्व यशा जी ने विसर्जन कर चित्त समाधि मे जीने की प्रेरणा दी। बहुत ही कुशलता पूर्वक दक्षिण मुंबई तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष पवन जी बोलिया की टीम ने चित्त समाधि शिविर का आयोजन किया।
देवेंद्र जी डागलिया ने वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारस जी दूगड़ का परिचय दिया। 150 शिविरार्थियों ने चित्त समाधि शिविर में अपना नाम दर्ज करा कर अपने भाग्य को स्वयम अपनी जीवन कुंडली में लिखा। महिला मंडल की बहनों ने चित्त समाधिमय बन जाए स्वरों की सुंदर गीतिका प्रस्तुत की। वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारस जी दुगड़ का का सम्मान मोमेंटो व साहित्य द्वारा किया गया इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मुंबई के अध्यक्ष नरेंद्र तातेड़, सिरियारी संस्थान के अघ्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़, 2023 मुंबई प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मदनलाल तातेड़, अ भा तेयुप के कार्यकारणी सदस्य देवेंद्र डागलिया, आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधी फाउंडेशन के मंत्री सुमेरमल सुराणा, रमेश मेहता, कुंदनमल धाकड़, मीठालाल शिशोदिया, महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल के चेयरमैन एस के जैन उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष पवन बोलिया,उपाध्यक्ष नितेश धाकड़, मंत्री राहुल मेहता,सहमंत्री प्रदीप ओस्तवाल, कमलेश कच्छारा,कोषाध्यक्ष अशोक धींग, दिनेश धाकड़, उत्सव धाकड़,किशन राठौड़, राकेश कच्छारा, विनोद बरलोटा,नरेंद्र बरमेचा, रवि दोशी, अनिल लोढा, सौमिल निम्ब्जा तेरापंथ महिला मंडल दक्षिण मुंबई की संयोजिका रेणु डागलिया,उर्मिला कच्छारा,सुमन कावड़िया, वंदना वागरेचा,मीणा सुराणा,रेखा बरलोटा, रेणु बोलिया, रुक्मण कच्छारा, कविता ओस्तवाल,कंचन कर्णावत, शर्मिला धाकड़, किशोर मंडल से विनीत बोलिया, कौशिक धाकड़, मुदित बोलिया आदि का श्रम लगा।
दक्षिण मुंबई में चित समाधि की गूंज

