जोबनेर। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या, शाशनश्री साध्वी श्री मधुरेखा जी और उनकी साध्वीवृन्द का मंगलप्रवेश धर्मनगरी जोबनेर में एक भव्य जुलूस के साथ हुआ। इस अवसर पर जयघोष करते हुए स्त्री-पुरुषों की उपस्थिति में नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए उनका स्वागत किया गया।
स्थानीय ओसवाल भवन में मंगल प्रवेश पर साध्वी श्री ने अपने उद्बोधन में कहा, “हम जैन साधु अहिंसा और सद्भावना का सन्देश लेकर नगर-नगर भ्रमण करते हैं। आज हम जोबनेर में पहुंचे हैं, और यह अवसर हमें आपसे मिलकर धर्मलाभ लेने का सौभाग्य प्रदान करता है।” उन्होंने श्रावक समाज से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक धर्मलाभ लेकर अपने मानव जीवन का उत्थान करें।
साध्वी श्री ने यह भी बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ विभिन्न प्रान्तों में पैदल भ्रमण कर अहिंसा, सद्भावना और नैतिकता का सन्देश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
इससे पूर्व साध्वी श्री जयपुर रोड पर कुच्यावास गांव से 10 किलोमीटर पैदल विहार कर जोबनेर पहुचे जिसमे जयपुर से तेयुप के अभिषेक भंसाली, गौरव बरमेचा, रौनक बोकड़िया, मनोज जोगड, नोरतन ओसवाल आदि पैदल सेवा में साथ रहें ।
इस मंगल अवसर पर श्वेताम्बर जैन समाज जोबनेर के प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे। जिसमें श्वेताम्बर समाज के अध्यक्ष एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश बम्ब, नगरपालिका मंडल जोबनेर की अध्यक्ष मंजू सिंगी, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंगी, पार्षद महेंद्र जैन, नोरतन ओसवाल, अमरचंद बरडिया, मदनलाल, ज्ञानचंद, अनिल, हंशु, रमेश बरडिया, लक्ष्मी देवी, उषा देवी, चंचल देवी, दीपिका, बबिता, अंशुल, ममता बरडिया सहित बड़ी संख्या में श्रावक उपस्थित थे
धर्मनगरी जोबनेर में साध्वी श्री मधुरेखा जी का मंगल प्रवेश

