नई दिल्ली:देश में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस एक और कसौटी पर खरा उतरा है। मंगलवार को तेजस में हवा में ईधन भरने का सफल परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि तेजस के नए संस्करण तेजस एमके-1 विमान में आगरा और ग्वालियर के बीच आईएल-78 एमकेई टैंकर से ईधन भरा गया। टैंकर ने एयरफोर्स के आगरा हवाई ठिकाने से उड़ान भरी थी। जबकि तेजस ने ग्वालियर हवाई ठिकान से उड़ा था। तेजस को हाल में कई परीक्षणों के दौर से गुजारा गया है, जिसमें वह सफल रहा है। इसे वायुसेना में अभी आरंभिक संचालनात्मक मंजूरी के बाद शामिल किया गया है। जबकि अंतिम संचलानात्मक मंजूरी मिलनी बाकी है।
वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि जब तेजस में टैंकर के जरिये ईधन भरा जा रहा था, तभी एक दूसरा तेजस विमान पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी का रहा था। उन्होंने कहा, इस पूरी प्रक्रिया को ग्वालियर हवाई ठिकाने स्थित एक नियंत्रण कक्ष में देखा जा रहा था। वैज्ञानिकों ने इस परीक्षण के दौरान तेजस के सभी तकनीकी बिंदुओं पर नजर रखी। सभी प्रक्रियाएं सही पाई गई। परीक्षण के दौरान तेजस को ग्रुप कैप्टन जोशी तथा टैंकर को ग्रुप कैप्टरन आर. अरविंद उड़ा रहे थे। वायुसेना ने कहा कि देश में निर्मित तेजस विमान के लिए इन परीक्षणों में खरा उतरना बड़ी उपलब्धि है। इससे तेजस की क्षमता बढ़ाने के भी रास्ते खुल गए हैं। प्रवक्ता ने कहा तेजस को अंतिम संचालनात्मक मंजूरी मिलने के लिए हवा में ईधन भरने की क्षमता का होना आवश्यक था। लेकिन इस परीक्षण में खरा उतरने के बाद भी तेजस को अभी कई और परीक्षणों से गुजरना होगा। उसके बाद ही उसे अंतिम मंजूरी मिलेगी।
देश में बने लड़ाकू विमान तेजस में हवा में ईंधन भरने का परीक्षण सफल

