मुंबई (कांदिवली)। आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी श्री विद्यावती जी “द्वितीय” आदि ठाणा 5 के सान्निध्य में आचार्य महाप्रज्ञ जी का 107 वां जन्मदिवस(प्रज्ञा दिवस) व मासखमण तप अभिनन्दन समारोह का आयोजन तेरापंथ भवन कांदिवली में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री जी द्वारा नमस्कार महामंत्र संघान से किया गया।
मंगलाचरण पलक हिरण ने गीत”जय महाप्रज्ञ गुरूवर की” के द्वारा किया।स्वागत भाषण सभा अध्यक्ष मिठालाल धाकड़ ने किया। साध्वी श्री प्रीयंवदा जी ने श्रावक समाज को अपने उद्बोधन में कहा – आचार्य महाप्रज्ञ महान दार्शनिक थे,मंजू हिरण की आज 29 दिन की तपस्या है।मंजू हिरण केवल कर्म निर्जरा के लिए तपस्या कर रही हैं।कर्म निर्जरा एक बहुत बड़ा माध्यम है। भगवान ने बहुत बड़ी बात कही है कर्म निर्जरा और मंजू जी उसका अनुकरण कर रही हैं।मंजू जी ने बहुत अच्छा साहस दिखाया है।
साध्वी श्रीजी ने तपस्वी बहन को मासखमण तप का प्रत्याख्यान करवाया। साध्वी श्री मृदुयशा जी व प्रेरणा श्री जी ने गितिका “गावा तपसी का मैं गीत” के द्वारा तपस्वी बहन का अभिनन्दन किया। तपस्वी बहन के परिवार जनों ने गीतिका द्वारा बधाई प्रेषित की। श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउण्डेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़ ने फाउण्डेशन की तरफ से सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया व तपस्वी बहन के तप की अनुमोदना की। उपासक प्रकाश हिरण ने अपने भाव व्यक्त किये।
कांदिवली महिला मंडल ने गितिका “मंगल,मंगल,मंगल है मासखमण तप मंगल है” के द्वारा तपस्वी का अभिनन्दन किया। मालाड तेयुप अध्यक्ष सुनिल धींग ने बधाई प्रेषित की। कांदिवली तेयुप अध्यक्ष आशीष श्री श्रीमाल ने अपने वक्तव्य द्वारा तपस्वी बहन के तप की अनुमोदना की। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा मुंबई के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी ने तपस्वी के तप की अनुमोदना की तथा आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के जन्मदिवस की बधाई दी व युवाओं से कहा की हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। जी बिजनेस डायरेक्टर व युवा गौरव अनिल सिंघवी ने अपनी छोटी बहन मंजु के मासखमण तप की अनुमोदना की। तेरापंथी सभा,तेयुप व महिला मंडल कांदिवली के पदाधिकारियों की गरिमा मय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन साध्वी श्री प्रेरणा श्रीजी ने किया।

