ठाणे: बुधवार को अणुव्रत समिति मुंबई द्वारा ठाणे तेरापंथ के प्रांगण में सर्व धर्म समभाव कार्यक्रम का आयोजन आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी अणिमा श्री जी साध्वी मंगल प्रज्ञा जी एवं साध्वी वृन्द के सानिध्य में रखा गया। वही इस अवसर पर साध्वी श्री अणिमा श्री जी ने कहा कि जरूरत है नेक जीवन जीने की। आज के युग में हिंसा को ज्यादा प्रोत्साहित किया जा रही हैं जबकी अहिंसा को प्राथमिकता देने की जरूरत हैं। हमारा युवा भटक रहा है उसे सही समय पर सही राह दिखाने की जरूरत हैं। फादर माइकल रोज़ारियो ने कहा कि अणुव्रत एक माध्यम है स्वस्थ समाज बनाने का। इसी अणुव्रत रूपी बूंदों से हमें सागर भरना हैं। वली मोहम्मद परवेज ने कहा कि पहले पैगंबर आया करते थे मानव को मानव बनाने के लिए अब संत आते हैं। साध्वी श्री मंगल प्रज्ञा जी ने कहा कि सर्व धर्म सम भाव का मूल मंत्र अहिंसा हैं। अगर सब अहिंसा को अपने उतारें तो समाज में हर कोई खुशहाल होगा। हमें अहिंसा पर ध्यान देना हैं।
रामकृष्ण मिशन से देवकांतयानंद जी संत ने कहा कि जो जैसा है उसे उसी रूप में स्वीकारें तभी बदलाव आएगा। साध्वी वृन्द ने सुंदर गीतिका के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किये। चरणजीत सिंगजी ने कहा कि हम अलग अलग है दिखते है भाषाएं अलग अलग है। ईश्वर को याद करने का माध्यम अलग है पर हम सब एक ही हैं। सुरजीत सिंग जी ने भी अपने शब्दों में लोगों का मार्गदर्शन किया। पु. भदन्त राहुल बोधि महाथेरो ने भी श्रावकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि धर्म की आवश्यकता सभी के जीवन में हैं।
अणुव्रत समिति ठाणे क्षेत्रीय संयोजक लक्ष्मिलाल सिंघवी ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुए अपने भावों को व्यक्त किया। अणुव्रत समिति मुम्बई अध्यक्ष रमेश चौधरी, ठाणे सभा अध्यक्ष देवीलाल श्री श्रीमाल अपने विचार रखें। इस अवसर पर अणुव्रत समिति मुम्बई कार्याध्यक्ष रोशनलाल मेहता, कोषाध्यक्ष रमेश सोनी, निर्मल श्री श्रीमाल, विनोद कोठारी, सुरेश मेहता, मनोहर गोखरू, विनोद बाफना, नरेश बाफना, नवरत्न गोखरू, विकास अच्छा, सुरेश बाफना, दिनेश सिंघवी, बसंत कुमठ, ख्यालीलाल कोठारी, कंचन सोनी, प्रियंका जैन आदि की उपस्थिति रही। मंच का कुशलतापूर्वक संचालन राजकुमार चपलोत ने किया। मंत्री चेतन कोठारी ने सभी के प्रति आभार प्रगट किया।

ठाणे में सर्व धर्म सम भाव कार्यक्रम का हुआ आयोजन

