अहमदाबाद। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अहमदाबाद में विख्यात जैन आचार्य पद्म सागर सूरीश्वरजी महाराज से मुलाकात की। गहलोत ने स्वयं इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की हैं। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने जैन आचार्य को नमन किया और राष्ट्र की सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की। कुछ समय पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आचार्य पद्म सागरजी से मिलने अहमदाबाद पहुंचे थे।
कांग्रेस पार्टी के सांगठनिक कार्यों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 11 जुलाई को अहमदाबाद में थे। अपनी इसी व्यस्तता के बीच से समय निकाल कर वे आचार्य पद्म सागर सूरीश्वरजी महाराज से मिलने पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने खुद इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पदम सागर सूरीश्वरजी महाराज से मुलाकात की तथा अध्यात्म एवं समसामयिक विषयों पर उनसे चर्चा की। उन्होंने लिखा कि आत्मचिंतन, अपरिग्रह एवं आत्मिक शांति का उनका संदेश मानवता को उचित दिशा प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कुछ समय पहले आचार्य पद्म सागर सूरीश्वरजी महाराज से मुलाकात की थी। महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात में गांधीनगर के पास स्थित कोबा में ‘सम्राट संप्रति संग्रहालय’ के उद्घाटन के दौरान यह मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी ने जैन आचार्य के चरणों में नमन किया और देश की सुख, शांति तथा समृद्धि के लिए उनका आशीर्वाद मांगा। इस दौरान पीएम मोदी ने सहारा देकर पद्म सागरजी की व्हीलचेयर को भी चलाया था।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का साधु भगवंतों एवं समाज को चेतना प्रदान करने वाली हस्तियों के प्रति सदा से श्रद्धाभाव रहा है। राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार कहते है कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत मानते हैं कि जैन धर्म ने हमेशा अहिंसा, जीवदया, परोपकार और भाईचारे का संदेश देकर विश्व को शांति का रास्ता दिखाया है। परिहार कहते हैं कि गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री काल में, राजस्थान सरकार में जैन धर्म एवं जैन संस्कृति के संरक्षण हेतु राजस्थान राज्य जैन श्रमण संस्कृति बोर्ड के निर्माण सहित विभिन्न समाज एवं वर्गों के लिए भी इसी तरह से कार्य किया था, यह उनके समाज एवं संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रमुख उदहारण है। आचार्य श्री पद्म सागर सूरीश्वर जी महाराज भारत में जैन धर्म के बड़े संत माने जाते हैं तथा ने केवल भारत ही नहीं, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी जैन मंदिर बनवाने में बड़ी मदद की है। वे पुराने जैन तीर्थों के उद्दारक माने जाते हैं। उन्होंने समय-समय पर देश के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और शासकों को समाज और राष्ट्रसेवा की सही राह दिखाई है। देश के दिग्गज राजनेताओं की आचार्य पद्म सागर सूरीश्वरजी महाराज से ऐसी मुलाकातें भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और धर्म – संस्कृति के संवाहकों के प्रति सम्मान का एक सुंदर उदाहरण पेश करती है।
पूर्व सीएम गहलोत ने जैनाचार्य पद्म सागरजी से मुलाकात की

