सुरभि सलोनी, बस्ती। कोतवाली थाना अंतर्गत सिविल लाइन चौकी के इंचार्ज अजय सिंह पर भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आर.के. आरतियन ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने संगठन के धरने को जबरन समाप्त कराने के दौरान गाली-गलौज की और जिलाध्यक्ष सहित सदस्यों के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया है।
घटना की पूरी कथा तब शुरू हुई जब भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आर.के. आरतियन और उनके संगठन के अन्य सदस्य अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सिविल लाइन स्थित शास्त्री चौक पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। संगठन के अनुसार, ये मांगे कमजोर वर्गों और पीड़ितों के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ थीं। धरना स्थल पर नारेबाजी और बैनर-पोस्टर के माध्यम से अपनी बात रख रहे कार्यकर्ताओं को अचानक कोतवाली थाना की पुलिस ने घेर लिया। आरोप है कि चौकी इंचार्ज अजय सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने धरना स्थल से आर.के. आरतियन को जबरन खींचकर ले जाया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आर.के. आरतियन ने बताया, “हम कमजोरों, पीड़ितों और गरीबों की आवाज उठा रहे थे। शास्त्री चौक पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे, लेकिन चौकी इंचार्ज अजय सिंह ने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए हमें सरेआम अपमानित किया। गाली-गलौज के साथ-साथ हाथापाई भी की गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है, जो सच्चाई को उजागर करता है।” आरतियन ने आगे कहा कि अजय सिंह पर गरीब सब्जी विक्रेताओं, रिक्शा चालकों और अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार करने के पुराने आरोप भी लगे हुए हैं। “इनके जुल्म का शिकार बार-बार निर्दोष लोग हो रहे हैं। वर्दी का दुरुपयोग करके रौब जमाना कोई नई बात नहीं है।” संगठन ने मांग की है कि थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि अजय सिंह की करतूतें सामने आ सकें। आर.के. आरतियन ने कहा, “यदि सीसीटीवी की जांच हो जाएगी तो सारी सच्चाई उजागर हो जाएगी। हमारी चार सूत्री मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।” संगठन की चार सूत्री मांगों में मुख्य रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा, पुलिस सुधार और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करना शामिल है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा भड़क गया है। कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए अजय सिंह की कार्रवाई को अमानवीय बताया है।
एक यूजर ने लिखा, “पुलिस का काम जनता की रक्षा करना है, न कि दमन।” वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि धरना स्थल पर पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए ले जा रहे हैं और बीच-बीच में गाली-गलौज हो रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कोतवाली थाना प्रभारी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मामला जांच के दायरे में है और जल्द ही स्पष्टीकरण दिया जाएगा। हालांकि, संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
कोतवाली थाना के चौकी इंचार्ज पर भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

