वसई। अखिल भारतीय महिला मंडल के निर्देशानुसार ‘स्व से शिखर’ और ‘रिश्तों में भरे मिठास तो जीवन मे ना आये खटास ‘ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मंगलाचरण में युवकपरिषद से शांतिलालजी लोढा, मनोजजी मेहता,सुभाषजी हिरन ओर गणपतजी बापना ने प्रभु पार्श्व देव चरणों में गीतिका का संगान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान शंकरलालजी गुंदेचा ने दाम्पत्य जीवन और रिश्तों की गरिमा को बहुत ही सरल तरीके से समजाया।दीर्घ श्वास प्रेक्षा के प्रयोग करवाये और अनेकांत के सिद्धान्त को उदाहरण के साथ हृदयंगम विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम का कुशल संचालन संयोजिका श्री अनिताजी बापना ने किया।कविता के माध्य्म से अपने विचारों को व्यक्त किया।
स्वागत भाषण सहसंयोजिका श्री सुनीता सिंघवी ने दिया। प्यार और विश्वास रिश्तों में ऊर्जा संचारित करते हैं, इसकी चर्चा की। जो बहने अपने जीवन साथी के लिए सुंदर व आकर्षक तोहफा बनाकर लाई उनको सम्मानित किया। इस दौरान आशा गुंदेचा, अनिता बापना आदि को सांत्वना पुरस्कार दिए।
आध्यात्मिक और मनोरंजक 2 गेम्स संयोजिका अनिता बापना ओर सह संयोजिका सुनीता सिंघवी द्वारा खेलाए।जिसमे 1st गेम में आशा गुंदेचा, अनिता बापना, सुनीता s हिरन तथा 2nd गेम में अनिता बापना आशा गुंदेचा, रेणु गुंदेचा। अच्छी संख्या में लोगों ने उपस्थिति दर्ज करवाई और कार्यशाला को सफल बनाया।
वसई में दंपत्ति कार्यशाला की धूम

