पांडेसरा। जैन धर्म के पावन पर्व “पर्युषण महापर्व” के अवसर पर परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण जी की प्रेरणा, आज्ञा एवं मार्गदर्शन से उपासक श्रेणी द्वारा देशभर में आध्यात्मिक आराधना का क्रम चल रहा है। इसी क्रम में “प्रवक्ता उपासिका रचना जी हिरण एवं सहयोगी उपासिका मंजू जी हिरण” पांडेसरा, सूरत में उपासक यात्रा के अंतर्गत श्रद्धालुओं को धर्माराधना करवा रही हैं।
पर्युषण काल में पांडेसरा में धर्म, साधना एवं अध्यात्म का विशेष वातावरण बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रावक श्राविका प्रतिदिन कार्यक्रमों में उपस्थित होकर आगम वाणी, कर्म सिद्धांत, भगवान के भाव एवं विभिन्न आध्यात्मिक विषयों का श्रवण कर रहे हैं। उपासिका बहनों द्वारा सरल, सहज एवं प्रभावी शैली में किए जा रहे प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म के गूढ़ सिद्धांतों को जीवन से जोड़ने की प्रेरणा मिल रही है।
पांडेसरा के श्रावक-श्राविकाओं में धर्म के प्रति विशेष श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रातःकालीन प्रवचन एवं धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दोपहर में तत्त्वज्ञान की विशेष कक्षाएँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें जैन दर्शन एवं तत्त्वज्ञान को समझने का अवसर मिल रहा है।
रात्रिकालीन समय में प्रतिक्रमण एवं प्रवचन में श्रावक श्राविकाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रहती है एवं आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं।
पांडेसरा में पर्युषण महापर्व की यह आराधना आचार्यश्री महाश्रमण जी के आध्यात्मिक संदेश-आत्मजागरण, संयम और साधना को जन-जन तक पहुँचाने का सुंदर माध्यम बन रही है। श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता से संपूर्ण क्षेत्र में धर्ममय एवं भक्तिमय वातावरण निर्मित है।
पांडेसरा में पर्युषण महापर्व के अवसर पर आध्यात्मिक साधना का अनुपम वातावरण

