सुरभि सलोनी, नेशनल डेस्क। केंद्र सरकार ने हाल ही में माल और सेवा कर (जीएसटी) में व्यापक सुधारों की घोषणा की है, जिसे ‘नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म’ (GST 2.0) के रूप में जाना जा रहा है। इन सुधारों की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3 और 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में की गई। इन सुधारों का उद्देश्य आम आदमी, छोटे व्यवसायियों, एमएसएमई, किसानों, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को राहत प्रदान करना, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाना है। यह सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण में किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देशवासियों को दीवाली से पहले बड़ा तोहफा मिलेगा।
जीएसटी सुधारों की मुख्य विशेषताएं
दो-स्तरीय कर संरचना (Two-Tier Tax Structure): जीएसटी परिषद ने मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%) को समाप्त कर केवल दो मुख्य स्लैब – 5% और 18% – को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, तंबाकू, पान मसाला और सिगरेट जैसे हानिकारक और लक्जरी उत्पादों के लिए एक विशेष 40% स्लैब लागू किया गया है। 12% और 28% के स्लैब को पूरी तरह हटा दिया गया है। 12% स्लैब में शामिल लगभग 99% वस्तुओं को 5% स्लैब में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 28% स्लैब की वस्तुओं को 18% स्लैब में लाया गया है।
रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर में कमी:कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी दरों में भारी कटौती की गई है। इनमें हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप, टूथब्रश, और शेविंग क्रीम पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। बटर, घी, चीज, डेयरी स्प्रेड, पैक्ड नमकीन, भुजिया, बर्तन, बच्चों की फीडिंग बोतल, नैपकिन, क्लिनिकल डायपर, और सिलाई मशीन पर 12% से घटाकर 5% तथा कपड़े और फुटवियर (2500 रुपये तक): 12% से घटाकर 5% हो गया है। छेना, पनीर, रोटी, पराठा, खाखरा, और पिज्जा ब्रेड: जीएसटी पूरी तरह समाप्त, अब टैक्स-मुक्त कर दिया गया है।
इन बदलावों से दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। जीवन रक्षक दवाओं और बीमा पर छूट:जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी को शून्य कर दिया गया है। व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा (5 लाख रुपये तक के प्रीमियम) पर जीएसटी से छूट दी गई है, जिससे बीमा पॉलिसियां सस्ती होंगी। निर्माण और ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत:सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है, जिससे निर्माण लागत कम होगी और घर बनाना सस्ता होगा। छोटी कारें, 350 सीसी तक की दोपहिया वाहन, और तिपहिया वाहन: 28% से घटाकर 18%। एयर कंडीशनर, टीवी, और फ्रिज: 28% से घटाकर 18%। इन बदलावों से ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद सस्ते होंगे। शिक्षा से संबंधित वस्तुओं पर राहत पेंसिल, कटर, रबर, और नोटबुक जैसी शिक्षा से संबंधित वस्तुओं को टैक्स-मुक्त कर दिया गया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को लाभ होगा। जीएसटी में किये गये ये सभी बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे, जो नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होकर दीवाली से पहले आम जनता को राहत प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों का स्वागत करते हुए कहा, “जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित व्यापक सुधार नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे और विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने और प्रक्रियागत सुधारों के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था, जिसका उद्देश्य आम आदमी के जीवन को आसान बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इन सुधारों का लक्ष्य अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खोलना और पारदर्शिता लाना है। यह केवल जीएसटी में सुधार नहीं है, बल्कि संरचनात्मक सुधारों और लोगों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।” उन्होंने सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने सर्वसम्मति से इन प्रस्तावों का समर्थन किया। राजस्व पर प्रभाव जीएसटी सचिवालय की फिटमेंट कमेटी के अनुसार, इन सुधारों से केंद्र और राज्य सरकारों को लगभग 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो सकता है। हालांकि, सरकार का मानना है कि कर दरों में कमी से उपभोक्ता मांग बढ़ेगी, जिससे दीर्घकाल में राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी। जीएसटी सुधार 2025 भारत की कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक कदम है, जो न केवल आम आदमी को राहत देगा, बल्कि अर्थव्यवस्था को और पारदर्शी, सरल और समावेशी बनाएगा। दो-स्तरीय कर संरचना, दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर में कमी, और छोटे व्यवसायों के लिए राहत इन सुधारों की मुख्य विशेषताएं हैं। यह कदम दीवाली से पहले उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकता है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में वादा किया था। इन सुधारों का प्रभाव 22 सितंबर 2025 से दिखना शुरू होगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि ये बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की जीएसटी में सुधार की घोषणा,दिवाली से होगा लागू

