विकास धाकड़/मुंबई। कार्यक्रम की मंगलमय शुरुआत साध्वी श्रीजी के नवकार मंत्रोच्चार से हुई। तत्पश्चात अंधेरी महिला मंडल द्वारा सुंदर, भावभरा एवं भावविभोर करने वाला मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी जी आदि ठाणा चार के सान्निध्य में सिम्फनी हॉल में पर्युषण महापर्व के पाँचवें दिवस अणुव्रत चेतना दिवस के अवसर पर जनमेदिनी को संबोधित करते हुए साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने कहा कि अणुव्रत स्वस्थ जीवनशैली की आचार संहिता एवं स्वस्थ समाज, स्वस्थ मानव निर्माण की प्रयोगशाला है। मानव में मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा कर नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों का विकास तथा राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सुरक्षित रखने का पैगाम है अणुव्रत।
साध्वी श्रीजी ने कहा कि बुराइयों का प्रतिकार कर छोटे-छोटे व्रतों एवं सद्गुणों को धारण करने का पवित्र संदेश देता है अणुव्रत भारतीय संस्कारों को सुरक्षित रखने का सशक्त कवच है अणुव्रत-उन्होंने अणुव्रत आंदोलन के मुख्य नारे “संयमः खलु जीवनम्” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संयम ही जीवन है। छोटे-छोटे संकल्पों और व्रतों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को संयमित एवं संस्कारित बना सकता है।
साध्वी श्रीजी ने भगवान महावीर के सत्ताईस भवों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों के माध्यम से धर्म, संयम एवं आत्मजागरण की प्रेरणा दी। साध्वी श्री जी के संबोधन के पश्चात मुंबई सभा एवं टी पी एफ के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुंबई सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र जी कोठारी ने सभा द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी तथा उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को इन कार्यक्रमों से जुड़ने और उनसे लाभान्वित होने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर मुंबई सभा के मंत्री गौतम जी डांगी, कोषाध्यक्ष, रिंकू जी बाफना, चिकित्सा प्रभारी नवरतन जी गन्ना,वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल जी समदरिया, निवर्तमान अध्यक्ष माणक जी धींग, निवर्तमान मंत्री दिनेश जी सुतारिया की उपस्थिति रही।
टीपीएफ मुंबई वेस्टर्न के अध्यक्ष कमल धारीवालजी ने टीपीएफ द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी और सभी सभी क्वालिफाइड प्रोफेशनल्स को इससे जुड़ने की भी प्रेरणा दी। टी पी एफ के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष विकास जी हिरण, टी पी एफ मुंबई वेस्टर्न जॉन के मंत्री कुणाल जी चौरडिया निवर्तमान अध्यक्ष प्रशांत जी परमार की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंच संचालन साध्वी श्री मलय विभा जी ने किया।
कार्यक्रम की व्यवस्था एवं आयोजन में अध्यक्ष महेंद्र जी वडाला, अनिल जी बाफना, अरविंद जी कोठारी, रोशनलाल जी कोठारी, राजेंद्र जी कोठारी, शांतिलाल जी कोठारी, विनोद जी कोठारी, शांतिलाल जी दुग्गड़, दिलीप जी मेहता, भूपेश जी दागलिया, विजय जी गेलड़ा, दीपक जी दागलिया, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा कुसुम जी कोठारी, बेबी कोठारी, हंसा जी मेहता, हेमा जी कोठारी, अंकिता वडाला, सुशीला वडाला, सुमित्रा वडाला, मधु जी दुग्गड़ आदि जागरूकता से सक्रिय हैं। यह जानकारी अरविंद जी कोठारी ने दी।
विलेपार्ले {मुंबई}: अणुव्रत चेतना से जागा संयम और नैतिक मूल्यों का संदेश – साध्वीश्री राकेश कुमारीजी

