‘वाहिदा रहमान’ मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला स्टारर यह फिल्म भारत की आजादी के समय के इतिहास के एक गहरे अध्याय से पर्दा उठाती है। फिल्म को सुधीर मिश्रा ने डायरेक्ट किया है। जबकि अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने ए बनारस मीडियावर्क्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि इसे एनएच स्टूडियोज़ द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है।
फ़िल्ममेकर अनुभव सिन्हा और सुधीर मिश्रा दमदार कास्ट के साथ अपनी आने वाली फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। उनका यह प्रोजेक्ट महात्मा गांधी के जीवन के बेहद कम जाने जानें वाले 21-दिन पर आधारित है, जिसे मेकर्स फिल्म के रूप में सभी के सामने पेश करना चाहते हैं। इस फिल्म में नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्टर मनोज बाजपेयी, महात्मा गांधी का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की शानदार कास्ट को मजबूती देते हुए अब मेकर्स ने इसमें लीजेंडरी एक्ट्रेस वहीदा रहमान को जोड़ा है।
वहीदा रहमान, फिल्म में महात्मा गांधी की माँ पुतलीबाई की भूमिका में नज़र आने वाली हैं। यह कहानी जो देश के एक लीडर के शांत और उनके द्वारा किये गए फ़ैसलों पर भी केंद्रित है, उसमे वहीदा रहमान की मौजूदगी एक अलग तरह की भावनात्मक गहराई लाएगी। अनुभव सिन्हा कहते हैं, “वहीदाजी किसी और फिल्म से वापसी करने करने को लेकर काफी अनश्योर थीं। लेकिन सुधीर उन्हें कास्ट में शामिल करने के लिए बेहद ज़्यादा इच्छुक थे।” सुधीर मिश्रा ने फिल्म की कहानी से लेकर उनके किरदार तक के बारे में कई तरह की भरोसा दिलाने वाली बातें की, जबकि सिंह ने उन्हें चार्म और क्यूजीन का सहारा लेकर उन्हें मनाने की कोशिश की। अनुभव आगे कहते हैं, “मैंने उनसे वादा किया कि मैं उन्हें लखनऊ का सबसे बेहतरीन खाना खिलाऊंगा।”
वहीदा रहमान का लखनऊ जाना बहुत लम्बे समय पहले हुआ था, वह शहर से ज़्यादा फैमिलियर नहीं थीं, और इस तरह से वह आखिर में काफी बातचीत के बात फिल्म के लिए मान गईं। इस तरह से वे फिलहाल अब लखनऊ में फिल्म की शूटिंग कर रही हैं और मेकर्स के मुताबिक उनका बहुत अहम है, हालांकि यह पुतलीबाई का रोल नहीं है, जैसा कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया।
वहीदा रहमान के शानदार करियर पर नज़र डालें तो उन्हें भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘दादा साहब फाल्के अवॉर्ड’ से सम्मानित किये जाने के अलावा उनकी फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ (1971) में शानदार एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी दिया जा चूका है। वहीदा रहमान ने इंडस्ट्री को ‘गाइड’, ‘प्यासा’, ‘कागज के फूल’, ‘तीसरी कसम’ और ‘खामोशी’ जैसी सदाबहार फिल्मों की सौगात दी है।
इस फिल्म को बनाने के लिए न सिर्फ दो बड़े दिग्गजों ने हाथ मिलाया है, बल्कि वह इसकी कहानी को पेश करने के लिए शानदार कास्ट के साथ एक अलग सिनेमाई अनुभव देने की तैयारी में हैं। ऐसे में यह कहना होगा की इस फिल्म को चाहकर भी फिल्म लवर्स मिस नहीं कर सकते। एक इंसान की कहानी को भारत की आज़ादी की बड़ी कहानी से जोड़कर मेकर्स फिल्म के जरिये एक नया, करीबी और दिल को छू लेने वाला नज़रिया पेश करने वाले हैं। फिल्म देखने के बाद यह तय है कि दर्शक यह जरूर महसूस करेंगे की वे इतिहास के बारे में कितना कम जानते हैं।
फिल्म को सुधीर मिश्रा ने डायरेक्ट किया है, इसमें मनोज बाजपेयी संग सौरभ शुक्ला अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने ए बनारस मीडियावर्क्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है, जबकि इसे NH स्टूडियोज़ द्वारा प्रेजेंट किया जा रहा है।
वहीदा रहमान की कास्टिंग की कहानी आई सामने, अनुभव सिन्हा ने बताया सुधीर मिश्रा की थी खास इच्छा!

