ठाणे। अर्पण वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो बाल लैंगिक शोषण को जड़ से ख़तम करने के लिए लगातार काम कर रही है। अर्पण ने ठाणे नगर निगम (TMC) और ठाणे नगर परिवहन (TMT) के सहयोग से आयोजित एक उद्घाटन समारोह में अपने जनजागरूकता अभियान बाल सुरक्षा सप्ताह के 7वें संस्करण की शुरुआत की। TMT ने भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए ठाणे में चलने वाली अपनी 385 बसों पर अभियान के संदेश प्रदर्शित करके सहयोग दिया है।
इस वर्ष, अर्पण का अभियान एक साहसिक और अडिग विषय पर केंद्रित है : #POCSOPakadLega यह हर अपराधी को एक सख़्त संदेश और एक चेतावनी देता है। यह POCSO अधिनियम (लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) को लोगों की नज़र में स्पष्ट रूप से लाता है, और बताता है कि इसके परिणाम निश्चित हैं और उन्हें जवाबदेह भी बनना पड़ेगा। अर्पण की गुडविल एंबेसडर और भारत की प्रशंसित अभिनेत्री विद्या बालन भी, CSW 2025 के चेहरे और आवाज के रूप में अपना समर्थन दे रही हैं। श्वेता कवात्रा, मानव गोहिल और अनूप सोनी जैसे प्रसिद्ध कलाकारों ने भी इस अभियान का समर्थन किया है। इस उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद नरेश म्हस्के, सौरभ राव (आईएएस) (आयुक्त, ठाणे नगर निगम), अर्पण की संस्थापक और सीईओ, पूजा तापड़िया, और अर्पण की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (प्रोग्राम्स) नेहल पारेख सहित ठाणे प्रशासन और अर्पण के अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
सांसद नरेश म्हस्के और सौरभ राव ने विद्या बालन अभिनीत अर्पण की अभियान फ़िल्म का अनावरण किया, जिसमें अपराधियों को चेतावनी दी गई है: “अगर आप किसी बच्चे का लैंगिक शोषण करेंगे, तो POCSO पकड़ लेगा।” इसके बाद मंत्री, प्रताप सरनाईक, सौरभ राव, पूजा तापड़िया और नेहल पारेख ने स्कूली बच्चों के साथ मिलकर अभियान की एक बस का उद्घाटन किया। TMT की 385 बसें अब पूरे ठाणे में चल रही हैं और प्रमुख मार्गों तथा अधिक ट्रैफ़िक वाले क्षेत्रों में संचालित होंगी। इन मार्गों पर रोज़ाना यात्रा करने वाले हज़ारों यात्रियों तक यह बसें बाल सुरक्षा का संदेश पहुँचाएँगी और उन्हें POCSO कानून के महत्व के बारे में जागरूक करेंगी। इन बसों के जनजागरूकता अभियान के माध्यम से बच्चों का लैंगिक शोषण करने वाले व्यक्तियों को यह सख़्त चेतावनी दी जाएगी कि वे बच्चों से दूर रहें और किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार न करें। इस कार्यक्रम में सांसद नरेश म्हस्के ने भी सहभागिता दर्ज की। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाल दिवस के अवसर पर हम सभी को POCSO कानून के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि POCSO कानून में मौजूद कमियों को दूर करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इस कानून का दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि यदि हम शिक्षकों और माता-पिता को सक्षम बना सकें, तो वे बाल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने बाल सुरक्षा के क्षेत्र में निष्पक्ष रूप से काम करने वाली अर्पण संस्था की सराहना की।”
सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी विशेष फ़िल्म:
बाल सुरक्षा सप्ताह के उपलक्ष्य में अर्पण संस्था द्वारा बनाई गई एक विशेष जनजागृति शॉर्ट फ़िल्म अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। यह फ़िल्म ठाणे शहर के सभी सिनेमाघरों में दिखाई जाए, इसके लिए हम प्रयास करेंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा। अर्पण की सद्भावना दूत और प्रसिद्ध अभिनेत्री विद्या बालन ने इस फ़िल्म में भूमिका निभाई है। इस अवसर पर बोलते हुए, ठाणे नगर निगम के आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी, सौरभ राव ने कहा, “दरअसल, हर दिन बाल सुरक्षा का दिन है। हम सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि समाज में किसी भी बच्चे के साथ कोई अनुचित घटना न घटे। उन्होंने कहा कि अर्पण संस्था के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करना संतुष्टि की बात है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ठाणे शहर का हर बच्चा सुरक्षित रहे। बाल सुरक्षा सप्ताह में शामिल होकर हमें खुशी हो रही है।”
अर्पण की संस्थापक और सीईओ, पूजा तापड़िया ने कहा, “Child Safety Week हमें याद दिलाता है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ़ कुछ लोगों की नहीं, बल्कि हम सबकी ज़िम्मेदारी है। और यह ज़िम्मेदारी शुरू होती है, हम में से हर एक से। हम ठाणे नगर निगम और ठाणे म्यूनिसिपल ट्रांसपोर्ट का दिल से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने हमारे साथ मिलकर इस ज़रूरी संदेश को पूरे शहर में लोगों तक पहुँचाने में मदद की। ऐसे सहयोग से बच्चों की सुरक्षा सिर्फ़ घरों तक नहीं रहती, बल्कि सड़कों, मोहल्लों और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती है। बच्चों की सुरक्षा करना कोई विकल्प नहीं है; यह हमारा कानूनी कर्तव्य है – और अपराधियों को जवाबदेह ठहराना हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। अगर हम आँकड़ों की तरफ देखें, तो ये ज़िम्मेदारी और भी ज़रूरी बन जाती है। पहले, बच्चों के साथ होने वाले गंभीर शोषण के मामले मुख्य रूप से IPC की धारा 375 (बलात्कार) और 377 (अप्राकृतिक अपराध) के तहत दर्ज किए जाते थे। इन धाराओं की सीमाएँ थीं, ये ज़्यादातर लिंग-विशिष्ट (gender-specific) थीं। फिर साल 2012 में POCSO कानून आया, जिसने एक स्पष्ट और लैंगिक रूप से तटस्थ कानून (gender-neutral law) बनाया।
इस कानून में बच्चों के साथ होने वाले पेनिट्रेटिव (Penetrative) और नॉन-पेनिट्रेटिव (Non-Penetrative) शोषण दोनों की परिभाषा दी गई, और 18 साल तक के हर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इससे रिपोर्टिंग बढ़ी है। महाराष्ट्र में, बच्चों के साथ होने वाले पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट (Penetrative sexual assault) के मामले 2002 से 2022 के बीच लगभग 8.5 गुना बढ़े हैं। अब ज़्यादातर लोग इस विषय पर बात कर रहे हैं, इसकी रिपोर्ट कर रहे हैं, और कानून का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए, #POCSOPakadLega जैसे अभियान बेहद ज़रूरी हैं। क्योंकि ये कानून के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं, लोगों को सतर्क करते हैं, और समाज को बच्चों की सुरक्षा के लिए एकजुट करते हैं।” प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री, इस समारोह में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपने शुभेच्छा संदेश में कहा: “पब्लिक ट्रांसपोर्ट हर दिन लाखों लोगों को ले जाता है और इस सप्ताह यह एक मज़बूत संदेश भी ले जा रहा है। अर्पण के ‘बाल सुरक्षा सप्ताह’ अभियान के माध्यम से हम यह साफ़ करना चाहते हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति बच्चों को अनुचित तरीके से छुएगा, तो कानून से बच नहीं पाएगा – ‘POCSO पकड़ लेगा।’ इस सप्ताह हमारी बसें सुरक्षा की आवाज़ बनेंगी, लोगों को सतर्क रहने और बच्चों की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने की याद दिलाएँगी। ठाणे को केवल इरादों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से आगे बढ़ते देख कर मुझे गर्व है।
ठाणे में बाल सुरक्षा सप्ताह 2025 की शुरुआत
Highlights
- “TMC और TMT ने अर्पण के साथ मिलकर पोस्को पकड़ लेगा अभियान शुरू किया

