नई दिल्ली/गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार रात क्लाइमेट एक्टिविस्ट और इनोवेटर सोनम वांगचुक से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। यह बैठक वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट होने के तुरंत बाद हुई। सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में दोनों मंत्रियों ने वांगचुक की तबीयत की जानकारी ली और सरकार की ओर से शिक्षा सुधारों तथा संसद में चर्चा की तैयारियों के बारे में बताया। बैठक करीब एक घंटे तक चली।
सोनम वांगचुक इन दिनों अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं, जो मंगलवार को अपना 24वां दिन पूरा कर चुका था। वे छात्रों के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, पेपर लीक (खासकर NEET) और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की थी कि या तो छात्र प्रतिनिधियों को सांसदों से संसद में मिलने दिया जाए या सांसद अस्पताल आकर उनसे मिलें।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार शाम को उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहां उन्हें ICU में भर्ती कर डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में रखा गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात केंद्र की ओर से संवाद का रास्ता खोलने की बड़ी पहल मानी जा रही है। मंत्रियों ने वांगचुक को बताया कि सरकार परीक्षाओं को फुलप्रूफ बनाने और समग्र शिक्षा सुधारों के लिए कदम उठा रही है तथा संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने पहले कहा था कि अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक संसद इन मुद्दों पर संज्ञान नहीं ले लेती।यह घटना वर्तमान छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। मुलाकात के बाद आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल वांगचुक अनशन जारी रखने पर अडिग बताए जा रहे हैं, जबकि सरकार संवाद के जरिए गतिरोध सुलझाने की कोशिश कर रही है।
सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने की मुलाकात, शिक्षा में सुधार को लेकर चर्चा

