जयनगर। युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य डॉ मुनिश्री पुलकित कुमारजी ठाणा 2 मंगल सानिध्य में जयनगर श्री धर्मनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर परिसर में जीतो द्वारा निर्देशित विश्व नवकार महामंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन सकल जैन समाज द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ मुनि श्री पुलकित कुमार ने कहा नवकार महामंत्र में पतित को पावन और कंकर को शंकर बनाने की ताकत है। इसमें पंच परमेष्ठी स्वरूप महान आत्माओं को नमन किया गया है।
महामंत्र का महत्व उजागर करते हुए मुनिश्री ने कहा वर्तमान समय में अशांत विश्व को शांति का संदेश देने वाला नवकार महामंत्र है, इससे अहंकार और ममकार विसर्जन की प्रेरणा मिलती है। मुनि श्री ने आगे कहा वर्तमान युग को अहंकार की नहीं नवकार की जरूरत है जो नम्रता सीखाता है, नवकार महामंत्र मनुष्य के भीतर शैतानियत को दूर कर शंकरत्व प्रकट करता है। नवकार महामंत्र को महामंत्र इसलिए कहा जाता है कि इसके जाप से जैन धर्म में उच्च कोटि की साधनाकरके उत्तम समाधि प्राप्त होती है।
नचिकेता मुनि आदित्य कुमार ने नवकार महामंत्र गीत का संगान किया। कार्यक्रम में जयनगर महिला मंडल ने स्वागत गीत, तूफान मांडोत तथा श्री धर्मनाथ स्वामी भजन मंडली ने नवकार महामंत्र पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण श्री धर्मनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ जयनगर के अध्यक्ष चंद्रकुमार सिंघवी ने तथा तेरापंथ समाज जयनगर के अध्यक्ष उदयलाल पोकरणा ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन पंडित रोहित जी द्वारा हुआ। गुरु वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुनि श्री द्वारा मंगलाचरण किया गया। तपागच्छ से साध्वी जीनर्षिनिधिश्री, हितनिधि श्री उपस्थित थे। सितार वादक श्री सागर भाई छेड़ा ने नवकार धुन प्रस्तुत की। कार्यक्रम में सोहनलाल मांडोत, शांतिलाल गांधी, रोशन कोठारी, गहरीलाल मांडोत लादूलाल पोकरणा, ललित मांडोत, सुरेश गन्ना, दिलीप मांडोत, गौतम चावत, हंसमुख मारू, ललित रोहित अमित हर्षित पोकरणा, शांतिलाल चौहान, भैरूमल भंडारी, छतरसिंह सेठिया अजीत चौहान, विपुल दुगड, नवरत्न सुराणा, हसमुख लूनियां आदि उपस्थित थे।
सकल जैन समाज जयनगर द्वारा नवकार महामंत्र की आराधना की गई
Highlights
- नवकार महामंत्र में पतित को पावन और कंकर को शंकर बनाने की ताकत - डॉ मुनि पुलकित कुमार

