विक्रमजोत, बस्ती। सुपोषित मिशन बस्ती अभियान के दसवें दिन शुक्रवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी विक्रमजोत बलराम सिंह के नेतृत्व में टीम ने कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्य सेविका कुमुद सिंह और सरिता सिंह के साथ टीम ग्राम सभा कलंदरहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची।
यहां गंभीर कुपोषित बच्ची दिव्यांशी और कुपोषित बच्चे अंकित के माता-पिता से मुलाकात कर बच्चों के स्वास्थ्य पर चर्चा की गई। अभिभावकों को बच्चों के लिए संतुलित आहार और डायट चार्ट की जानकारी दी गई। टीम ने मौसमी फल, हरी साग-सब्जियां, गुड़, चना, मूंगफली, दूध, केला और पके आम का सेवन कराने के लिए प्रेरित किया। सीडीपीओ ने सहजन की पत्तियों के पोषण महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सप्ताह में कम से कम दो से तीन बार सहजन की पत्तियों का सेवन कराया जाना चाहिए। टीम ने ग्रामीणों को सुपोषित मिशन बस्ती के तहत ग्राम पंचायत स्तर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि ग्राम प्रधान या ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से यदि पोषित बच्चों के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है तो उसे बच्चों के घर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस दौरान सीडीपीओ ने बच्चों को केला, आम और पारले-जी बिस्कुट वितरित किए। इसके बाद टीम ग्राम पंचायत अमोढ़ा के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के आठ कुपोषित बच्चों के घर पहुंची और उनके अभिभावकों से बच्चों की देखभाल को लेकर संवाद किया। बच्चों को फल और बिस्कुट दिए गए तथा पोषाहार की गुणवत्ता और उसके नियमित सेवन की जानकारी दी गई। टीम ने समीर, आदाब, आरुष, आशीष, अफान, सैना और अष्णु वर्मा सहित अन्य कुपोषित बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग की। अभिभावकों को बच्चों को नियमित रूप से गुड़-चना, केला, दूध, अंडा और चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाओं का सेवन कराने की सलाह दी गई। साथ ही हर छह माह में अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने और सहजन की पत्तियों का सेवन कराने के लिए प्रेरित किया गया। सीडीपीओ बलराम सिंह ने बताया कि शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत में अति कुपोषित और गंभीर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र बस्ती में भर्ती भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुपोषित मिशन बस्ती अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराया जा सके।
सहजन की पत्ती से पोषण तक, कुपोषण मिटाने को गांव-गांव पहुंच रहा सुपोषित मिशन

