भायंदर। मेहंदी लगवाती व चूड़ियाँ पहनती महिलाओं का समूह, झूला झूलती बेटियों का जत्था और मंच से भगवान शिव की आराधना गीत प्रस्तुत करती लोकगायिका संजोली पांडेय के सुर में सुर मिलाती माताओं- बहनों की टोली ने भायंदर के काजल ग्राउंड को ग्रामीण परिवेश का रूप तो दे ही दिया था , साथ ही वातावरण को शिवमय बना कर अभियान के सावन महोत्सव को नई ऊँचाई भी प्रदान कर रही थी। मुंबई बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र की अगुवाई में अभियान संस्था पिछले दो दशकों से सावन महोत्सव का आयोजन कर रहा है। भयंदर के महोत्सव के आयोजक अभियान के कार्याध्यक्ष संतोष दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत किया। महोत्सव के दूसरे दिन खुले सभागृह में जुटी हज़ारों महिलाएं अयोध्या से आई कजरी क्वीन संजोली पांडेय का इस तरह स्वागत कर रही थी कि मानो कोई काशी से गंगाजल लेकर आया हो | कजरी लोकगीत सुनने के लिए बड़ी संख्या में जुटे संगीत रसिकों ने देर रात तक कजरी की गंगा में डुबकी लगाई | संजोली ने ‘गौरा कईलू कवन जतनवा, तू बर बऊरहवा पईलू ना’,”ये भोले बाबा सुनि ला अरजिया हमार’, ‘भोले शिव के नगरीया बाटय बहुतय महान’ जैसे कई गीत सुनाकर वातावरण को शिवमय कर दिया |
लोगों को संबोधित करते हुए समाजसेवी लल्लन तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज को सुसंस्कृत बनाने में लोकभाषा – लोकसाहित्य का महत्वपूर्ण योगदान होता है | उन लोगों ने उत्तर भारत और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक रिश्ते को भी परिभाषित किया | उन्होंने कहा कि लोक कला के माध्यम से यह रिश्ता और भी प्रगाढ़ बनता जा रहा है। उन्होंने संजोली के गाये मराठी गीतों की जमकर तारीफ़ की। महोत्सव के संयोजक अमरजीत मिश्र ने लोकगीतों को परदेश गए लोगों के दुःख सुख का साथी बताया | उन्होंने कहा कि २०० साल पहले मॉरिशस, फ़िजी, गयाना, सूरीनाम गए गिरिमिटिया मजदूरों की संतानें आज भी अपने लोकगीत गुनगुनाती हैं |इस अवसर पर साहित्यकार डॉ उषा आलोक दुबे के सामाजिक – शैक्षणिक व साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें स्त्री शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।समारोह में मीरा भायंदर भाजपा के ज़िलाध्यक्ष दिलीप जैन, image0.jpegभाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शैलेश पांडेय,स्नेहा पांडेय, पूर्व महापौर डिंपल मेहता,नवीन सिंह,राजकुमार मिश्रा,ब्रजेश तिवारी आदि लोग उपस्थित थे। शनिवार को रक्षाबंधन के अवसर पर जटाशंकर दुबे व महादेव शिवगण द्वारा चेम्बूर नाका के हशु आडवाणी सभागृह में संजोली पांडेय कजरी प्रस्तुत करेंगी
शिवमय हो गया भायंदर में अभियान का कजरी महोत्सव
Highlights
- संजोली के गाये लोकगीतों की गंगा में लोगों ने लगाई डुबकी
- साहित्यकार डॉ उषा दुबे हुयी स्त्री शक्ति सम्मान से सम्मानित
- गौरा कईलू कवन जतनवा, तू बर बऊरहवा पईलू ना’

