महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी आदि ठाणा-6 के पावन सान्निध्य में भगवान महावीर कैवल्य कल्याणक एवं आचार्य श्री महाश्रमण पट्टोत्सव के उपलक्ष में गुणोत्कीर्तना समारोह मनाया गया।
उपस्थिति श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री जी ने कहा– आज हम पट्टोत्सव का महान पर्व मना रहे है। पट्टोत्सव का यह पावन पर्व श्रीमद् जयाचार्य की अनूठी देन हैं। पट्टोत्सव पर्व मनाने का आनंद अपूर्व होता है। मैने पूज्य गुरुदेव तुलसी के पट्टोत्सव एवं आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी के पट्टोत्सव श्री चरणों में मनाए है। पर वर्तमान गुरूदेव के सान्निध्य में अब तक पट्टोत्सव मनाने का अवसर नहीं मिला है। आज का दिन विलक्षण व्यक्तित्व के तेजोमय ज्ञान भास्कर के उदय का दिन है। मैं भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा निवेदित करते हुए, धुलिया आचार्यवर की अभ्यर्थना करती हूँ। साध्वीश्री डॉ योगक्षेमप्रभाजी ने अपने ओजस्वी व्यक्तत्व में कहा – भवभवांतर की चपश्चर्या से तीर्थंकर नाम गौत्र का उपार्जन होता है।भगवान महावीर की साढ़े बारह वर्ष की कठोर साधना ,भीषण तपश्चर्या आज ही के दिन फलीभूत हुई थी। आज ही के दिन हमारे शासन सरताज आचार्यप्रवर शासन वल्गा अपने कुशलकारों में थामी थी। हम भगवान महावीर एवं उनकी ही यशस्वी परंपरा के किर्तिधर आचार्य श्री महाश्रमणजी की अभिवंदना करते हैं। साध्वीश्री लावण्यप्रभाजी ने भावपूर्ण मुक्तकों के माध्यम से गुरूदेव की गुणोत्कीर्तना की। साध्वीश्री लावण्यप्रभाजी, साध्वीश्री कुंदनयशाजी , साध्वीश्री मुदितप्रभाजी व साध्वीश्री मधुरप्रभाजी ने “मेरे गुरूदेव मेरे जिनवर ” गीत की सरस प्रस्तुति दी।भावव्यक्ति के क्रम में सभाध्यक्ष माणकचंद बैद ,तेयुप अध्यक्ष पवन सुराणा ,तेममं मंत्री निर्मला छाजेंड़ उपासिका उमा सांखला ,चैनरूप जी घीया ,खान्देश सभा अध्यक्ष अनिल सांखला ,जयश्री लोढ़ा ,टी.पी.एफ से उमेश सेठिया, अभातेयुप रा. का. का. सदस्य राजेश धाडेंवा आदि ने अपने भावों की सफल अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ महाश्रमणजी अष्टकम् से हुआ जिसे साध्वीश्री कुंदनयशाजी ने प्रस्तुति दी। इस अवसर पर तेरापंथ महिला मंडल द्वारा सामायिक ,मौन ,द्रव्य आदि की १३ पंचरंगियां संपन्न हुई। मंच संचालन वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व अध्यक्ष ठाकरमल जी सेठिया ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम रिंग रोड पर अवस्थित”अरिहंत” भवन के रम्य परिसर में हुआ ।श्री अशोक जी धाडेंवा एवं राजेश जी धाडेंवा ने यह अवसर प्रदान करने हेतु हार्दिक कृतज्ञता प्रकट की।
साध्वीश्री भगवान महावीर का कैवल्य कल्याणक एवं पदाभिषेक दिवस पर विशेष कार्यक्रम

