नई दिल्ली:रूस, भारत और चीन के विदेशमंत्रियों की आज (बुधवार) होने वाली बैठक में पुलवामा आतंकी हमले और पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकी घोषित कराने के मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद है। इस सालाना त्रिपक्षीय बैठक से इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चीन और रूस के विदेशमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में भी संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति से मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
सुषमा स्वराज की चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। पुलवामा हमले के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत होगी। पुलवामा हमले का जिम्मा जैश-ए-मोहम्मद ने लिया है। उसके सरगना मसूद को संयुक्त राष्ट्र से वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की मांग को चीन लगातार बाधित करता रहा है। दरअसल चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का वीटो अधिकार प्राप्त सदस्य है।
हालांकि चीन ने सुरक्षा परिषद के 21 फरवरी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें पुलवामा हमले को जघन्य और कायरतापूर्ण बताते हुए उसकी तीखी निंदा की गई थी। लेकिन एक दिन बाद ही चीन ने इस बयान में जैश के जिक्र को लेकर पाकिस्तान को दिलासा देने की कोशिश करते हुए कहा कि यह एक सामान्य जिक्र है और किसी निर्णय का प्रतिनिधित्व करता।
वैसे फ्रांस द्वारा मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए सुरक्षा परिषद में फिर प्रस्ताव लाए जाने की उम्मीद है। फ्रांस सुरक्षा परिषद का वीटो अधिकार प्राप्त सदस्य है। सुषमा रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव के साथ बैठक में भी यह मुद्दा उठा सकती हैं। चीन के विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने कहा, मैं आश्वस्त हूं कि इस बैठक से सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।

